एक ही महिला का नाम वोटर लिस्ट में 6 बार, EPIC नंबर अलग; देखे वीडियों
हाल ही में कांग्रेस नेता (Congress leader) और लोकसभा में विपक्ष के नेता (Rahul Gandhi, Leader of Opposition) राहुल गांधी ने सबूतों के साथ मतदाता सूची (voter list) में गड़बड़ी (manipulation) का मुद्दा उठाया था। राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेंगलुरु (Bengaluru) के एक निर्वाचन क्षेत्र (constituency) का उदाहरण देते हुए वोटर लिस्ट पर सवालिया निशान खड़ा किया था। इसके बाद सत्तारूढ़ दल (ruling party) ने राहुल गांधी पर आरोप लगाए थे। अब महाराष्ट्र (Maharashtra) में भी ऐसा ही एक प्रकरण सामने आया है, जिसमें एक ही चेहरे और नाम वाली महिला का नाम वोटर लिस्ट (voter list) में 6 बार दर्ज है। देखा जा रहा है कि उसके नाम पर अलग-अलग EPIC नंबर (EPIC number) हैं।
इस महिला का नाम सुषमा गुप्ता (Sushma Gupta) है। पालघर (Palghar) की वोटर सूची में सुषमा का नाम 6 बार है, लेकिन हर बार EPIC नंबर (EPIC number) अलग-अलग है। सोशल मीडिया (social media) पर उनकी तस्वीर वायरल हो रही है (viral picture)। ऐसे में एक मीडिया संस्थान ने चुनाव आयोग (Election Commission) की वेबसाइट पर जाकर यह जानने की कोशिश की कि क्या यह सच है। उस समय इस महिला और उसके पति का नाम डालने पर उसके नाम पर अलग-अलग EPIC वाले वोटर कार्ड सामने आए थे। इसमें उसका नाम पालघर ज़िले के एक निर्वाचन क्षेत्र (constituency) में दर्ज है।
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राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया
मतदान में धांधली (poll rigging) का मुद्दा इस समय देश की राजनीति में गरमा रहा है। लोकसभा (Lok Sabha) में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची (voter list) में गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। मतदान में धांधली एक व्यक्ति, एक वोट के मूल लोकतांत्रिक सिद्धांत (democratic principles) पर हमला है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव (free elections, fair elections) के लिए एक स्वच्छ और पारदर्शी मतदाता सूची (transparency, digital voter list) जरूरी है। पारदर्शिता (transparency) दिखाई जानी चाहिए और डिजिटल मतदाता सूची (digital voter list) को सार्वजनिक किया जाना चाहिए (make public)। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (Election Commission) से मांग की है कि जनता और राजनीतिक दल (opposition party) अपना ऑडिट (audit) स्वयं कर सकें।
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इस बीच, ‘मतदान में धांधली’ के खिलाफ संसद में लगातार आक्रामक रुख अपनाने वाली कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल (opposition party) भी सोमवार को संसद के बाहर एकत्र हुए। लगभग 300 विपक्षी सांसदों समेत कई नेता संसद से चुनाव आयोग (Election Commission) की ओर मार्च के माध्यम से बढ़े। हालाँकि, पुलिस ने मार्च को रोक दिया और नेताओं को हिरासत में ले लिया (police custody)। राहुल गांधी ने मतदाता सूची (voter list) में कथित घोटाले का आरोप लगाया था। उसके बाद विपक्षी दलों का यह पहला विरोध प्रदर्शन था। राहुल गांधी ने 7 अगस्त को बेंगलुरु (Bengaluru) के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र (Mahadevapura assembly) के आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि भाजपा (BJP) को लाभ पहुंचाने के लिए ‘वोट चोरी’ (vote theft) का यह मॉडल लागू किया जा रहा है।
वीडियो लोकमत से साभार


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