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नया GST नियम आते ही सस्ती हो जाएंगी ये जरूरी चीजें, आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर

भारतीय पीएम (Narendra Modi) ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने संबोधन में संकेत दिया था कि इस दिवाली जनता को टैक्स स्ट्रक्चर (New GST Slab) से जुड़ा बड़ा तोहफा मिल सकता है। इसके बाद से ही वित्त मंत्रालय और जीएसटी काउंसिल में गहमागहमी तेज हो गई है। मंत्रालय ने टैक्स स्लैब्स में बदलाव से जुड़ी एक अहम सिफारिश ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स तक पहुंचा दी है, जिस पर जल्द फैसला लिया जा सकता है।

क्या बदल सकता है जीएसटी ढांचा (New GST Slab)

अभी तक चार अलग-अलग स्लैब्स में जीएसटी वसूला जाता है, मगर नई व्यवस्था में इसे तीन श्रेणियों में बांटने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, 5 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 40 प्रतिशत के स्लैब पर सहमति बन सकती है। यानी जहां आम उपभोक्ता को राहत मिलेगी, वहीं कुछ लग्ज़री और हानिकारक प्रोडक्ट्स पर टैक्स का बोझ और बढ़ सकता है।

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किन सामानों पर सस्ता हो सकता है टैक्स (GST Reform)

जिन प्रोडक्ट्स पर फिलहाल 12 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाता है, उन्हें घटाकर 5 प्रतिशत स्लैब में लाया जा सकता है। इसमें रोज़मर्रा की ज़रूरत से जुड़े सामान शामिल हैं जैसे सूखे मेवे, दूध, फ्रोजन सब्ज़ियां, पास्ता, नमकीन, टूथ पाउडर, साइकिल, पेंसिल और एक हज़ार रुपये से कम कीमत की चप्पल।

इसी तरह ग्रॉसरी, दवाइयां, टीवी, वॉशिंग मशीन, इंश्योरेंस और शिक्षा से जुड़ी सेवाओं को भी सस्ता करने पर विचार चल रहा है।

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कहां बढ़ेगा टैक्स बोझ

जानकारी रखने वाले अफसरों के मुताबिक, शराब, बीयर, तंबाकू और सिगरेट जैसे उत्पादों को 40 प्रतिशत के विशेष स्लैब में रखा जा सकता है। इससे इन प्रोडक्ट्स की कीमतें और बढ़ सकती हैं। सरकार का तर्क है कि ये ऐसी चीज़ें हैं जो स्वास्थ्य पर असर डालती हैं, इसलिए इन पर अधिक टैक्स उचित है।

मौजूदा टैक्स स्लैब पर एक नजर

इस समय जीएसटी की चार दरें लागू हैं 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत। यदि नई सिफारिशों पर अमल होता है तो ग्राहकों को त्योहारों से पहले रोज़मर्रा की खरीददारी में सीधे राहत मिल सकती है।

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