नागरिकता साबित करने के लिए ये दस्तावेज़ हैं जरूरी; आधार, वोटर और पैन से नहीं चलेगा काम
Citizenship Proof Documents: भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज असली माने जाएं, इस पर इन दिनों जोरदार बहस छिड़ी हुई है। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए ठाणे के एक कथित बांग्लादेशी नागरिक को जमानत देने से इनकार कर दिया। दिलचस्प बात यह रही कि उस शख्स के पास आधार कार्ड, पैन और वोटर आईडी जैसे सभी आम दस्तावेज मौजूद थे, मगर अदालत ने इन्हें नागरिकता का प्रमाण मानने से साफ मना कर दिया।
इस फैसले ने आम लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि आधार, वोटर कार्ड या पैन कार्ड से ही नागरिकता साबित की जा सकती है, वही कानून की नजर में हकीकत कुछ और है।
पहचान और पते तक सीमित हैं आधार, पैन और वोटर आईडी
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी केवल पहचान और पते का सबूत हैं, नागरिकता का नहीं। अदालत ने कहा कि इन दस्तावेजों को नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत मान्यता नहीं दी जा सकती।
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ठाणे के जिस व्यक्ति का प्रकरण सामने आया वो 2013 से भारत में रह रहा था। मगर अदालत ने यह मानने से इनकार कर दिया कि आधार और वोटर कार्ड रखने से वह भारतीय नागरिक हो जाता है। सुप्रीम कोर्ट भी पहले यह साफ कर चुका है कि आधार का मकसद सिर्फ पहचान सुनिश्चित करना है, नागरिकता तय करना नहीं। पैन टैक्स से जुड़ा दस्तावेज है और वोटर आईडी मतदान का अधिकार देती है, मगर दोनों ही नागरिकता की गारंटी नहीं हैं।
कौन से दस्तावेज माने जाते हैं नागरिकता का सबूत (Citizenship Proof Documents)
- जन्म प्रमाणपत्र
- भारतीय पासपोर्ट
- सरकारी रजिस्टर में दर्ज जन्म या नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड
- विदेश में जन्म लेने वालों के लिए माता-पिता की भारतीय नागरिकता से जुड़े प्रमाण
अगर किसी व्यक्ति का जन्म भारत में हुआ है और उसका जन्म प्रमाणपत्र मौजूद है, तो यह नागरिकता का सबसे ठोस दस्तावेज माना जाता है। वहीं, अगर जन्म विदेश में हुआ है तो माता-पिता की नागरिकता साबित करने वाले कागजात जरूरी होते हैं।


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