UP में बसपोर्ट के माध्यम से सड़क परिवहन सुविधाओं का होगा विस्तार
EELA INDIA EXCLUSIVE REPORT
Lucknow. उत्तर प्रदेश में हर दिन लाखों लोग बसों के माध्यम से यात्रा करते हैं। बढ़ती आबादी और यातायात की जरूरतों को देखते हुए प्रदेश में बस परिवहन ढांचे को आधुनिक और सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में राज्य के विभिन्न शहरों मे आधुनिक बस पोर्ट्स का विकास किया जा रहा है, जो पारंपरिक बस अड्डों से कहीं अधिक सुविधाजनक और उन्नत होंगे।
बस पोर्ट्स का विकास केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि शहरी ढांचे के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा। इसके आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बेहतर परिवहन ढांचा पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगा और शहरों को आपस में और मजबूती से जोड़ेगा।
बस पोर्ट्स का विकास, सड़क परिवहन को नई पहचान
उत्तर प्रदेश में इस समय विभिन्न बड़े शहरों और क्षेत्रीय केंद्रों में इन आधुनिक बस पोर्ट्स का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा सुविधा देना ही नहीं, बल्कि पूरे परिवहन तंत्र को नए स्तर पर ले जाना है। यूपी में बस पोर्ट्स का यह विकास सड़क परिवहन को नई पहचान देगा और राज्य को देश के सबसे उन्नत परिवहन ढांचों वाले क्षेत्रों में शामिल करेगा। आने वाले सयम में यह पहल यात्रियों की सुविधा, शहरों के विकास और समग्र आर्थिक प्रगति की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
आधुनिक बस पोर्ट्स की खासियत एक नजर में
- आधुनिक ढांचा: बस पोर्ट पारंपरिक बस अड्डों से अलग, हवाई अड्डों जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होते हैं।
- वातानुकूलित प्रतीक्षालय: यात्रियों के लिए एसी वेटिंग एरिया उपलब्ध।
- महिलाओं के लिए विशेष सुविधा: महिलाओं और बच्चों के लिए अलग विश्राम कक्ष एवं सुरक्षित कक्ष एवं सुरक्षित माहौल।
- डिजिटल टिकटिंग: कैशलेस भुगतान और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा।
- बस ट्रैकिंग सिस्टम: जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग से बसों के आगमन व प्रस्थान की सटीक जानकारी।
- सुरक्षा व्यवस्था: सीसीटीवी निगरानी और चौबीसों घंटे सुरक्षा कर्मी।

- स्वच्छता और हाइजीन: साफ-सुथरे शौचालय और पेयजल की सुविधा।
- खानपान व शॉपिंग: फूड कोर्ट और रिटेल शॉप्स की व्यवस्था।
- पर्यावरण अनुकूल: सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और ग्रीन बिल्डिंग की दिशा में पहल।
- कनेक्टिविटी हब: शहरों और कस्बों को जोड़ने वाला एकीकृत परिवहन केंद्र।
- रोजगार और व्यापार में वृद्धि: बस पोर्ट के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ेगे।
बसपोर्ट में मिलेंगी कई सुविधाएं: बस पोर्ट में कई सुविधाएं मिलेंगी, मसलन – ब्रान्डेड रिटेल, एंकर स्टोर्स, हाईपरमार्केट्स, मल्टीप्लेक्स, होटल सुईट्स, ऑफिस स्पेसेस, फूड कोर्ट एंड रेस्टोरेन्ट्स, ऑल डे डाइनिंग, बैंक्वेट हॉल्स, प्ले जोन्स, कॉन्फ्रेंस हॉल, स्विमिंग पूल, जिम एंड स्पा।
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ओमैक्स लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक एवं बीटुगेदर के फाउंडर मोहित गोयल का कहना है कि ‘कंपनी प्रदेश की इन महत्वाकांक्षी बस स्टेशन परियोजनाओं को समयबद्ध एवं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनूरूप पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कंपनी इन परियोजनाओं को यात्रियों के लिए अत्याधुनिक अनुभव बनाने हेतु पूरी तत्परता से कार्य कर रही है, ताकि यात्रियों को न केवल आधुनिक परिवहन सुविधाऐं प्राप्त हो, बल्कि ये बस स्टेशन संबंधित शहरों की पहचान भी बनें।

ओमैक्स लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं बिजनेस हेड सुनील कुमार सोलंकी का कहना है कि कंपनी का उदे्दश्य केवल अधोसंरचना का विकास करना नहीं है, बल्कि यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा और समृद्ध अनुभव प्रदान करना भी है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से न केवल शहरी परिवहन प्रणाली सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा।
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गौरतलब है कि बी टुगेदर (ओमैक्स ग्रुप का वेंचर) पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर 06 बसपोर्ट्स विकसित करेगा, जिसमें लखनऊ (विभूति खण्ड, गोमती नगर), गाजियाबाद (ओल्ड), प्रयागराज (सिविल लाइंस), अयोध्या, लखनऊ (अमौसी) और कौशाम्बी (गाजियाबाद) बसपोर्ट्स का भी विकास करेगा।लगभग 2,700 करोड़ रुपए के निवेश से बनने वाले ये सभी 06 बसपोर्ट्स यात्री सुविधा और वाणिज्यिक गतिविधियों के समन्वय के साथ एकीकृत, भविष्य के लिए तैयार केन्द्र के रूप में विकसित किये जायेंगे।


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