भारतहोम

नए भारत की ताकत ‘Gen Z’ या विपक्ष का मोहरा, युवाओं को समझना होगा असली आजादी का मतलब

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फिल्म ‘जागृति’ का वह मशहूर गीत ‘हम लाए हैं तूफान से कश्ती निकाल के, इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के’ आज की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा संदेश है। आजादी के संघर्ष में देशभक्ति गीतों ने जिस तरह से भारतीयों को एकजुट किया था, आज उसी तरह युवाओं को अपनी मातृभूमि की अहमियत समझने की जरूरत है।

दशकों के कड़े संघर्ष के बाद आज भारत 140 करोड़ की आबादी वाला एक ऐसा खूबसूरत बगीचा बन चुका है, जहां हर धर्म, जाति और समुदाय के लोग अपनी अनूठी भाषा और संस्कृति के साथ हंसी-खुशी रहते हैं।

चंद्रयान से लेकर सीमाओं तक… यह है नया और ताकतवर भारत

आज का भारत वह पुराना भारत नहीं रहा। यह सीमाओं पर आंख दिखाने वाले दुश्मनों को उन्हीं की भाषा में करारा जवाब देना जानता है। मंगलयान और चंद्रयान की अपार सफलता के साथ भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में पूरी दुनिया के सामने अपनी धाक जमाई है। तकनीक से लेकर शिक्षा और खेल के मैदान तक, देश की बेटियां और युवा पूरी दुनिया में भारत का परचम लहरा रहे हैं।

झंडा फहराने से बहुत आगे है असली देशभक्ति

युवाओं को यह याद रखना होगा कि राष्ट्रवाद या देशभक्ति केवल 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं है। असली देशभक्ति का मतलब है देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी हर जिम्मेदारी को निभाना। जब हम जाति-धर्म की नफरत को दरकिनार कर सामाजिक बुराइयों को मिटाने का प्रयास करते हैं और देश को बांटने वाली ताकतों का डटकर मुकाबला करते हैं, तब सही मायने में हम एक सच्चे देशभक्त कहलाते हैं। आज देश कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसका मुकाबला सिर्फ एकजुट होकर ही किया जा सकता है।

‘Gen Z’ की ताकत और अस्थिरता फैलाने की साजिश

पूरी दुनिया इन दिनों ‘जेन जेड’ (Gen Z) यानी नई युवा पीढ़ी की ताकत देख रही है। बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में इस पीढ़ी ने सत्ता परिवर्तन में बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन, भारत में इसी युवा शक्ति को गुमराह करने की कोशिशें भी सामने आई हैं।

हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा को लेकर शुरू हुए आंदोलन का कुछ विपक्षी दलों ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। ‘जेन जेड’ को ढाल बनाकर इसे सत्ता विरोधी और राष्ट्र विरोधी आंदोलन में बदलने की नाकाम साजिश रची गई। यहां तक कि भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाने के नारे भी लगे, जो यह दर्शाता है कि ऐसा करने वाले युवा अपनी आजादी की कीमत से पूरी तरह अनजान हैं।

स्थिर सरकार और विपक्ष का एजेंडा: युवाओं को रहना होगा सतर्क

भारत को पिछले 12 सालों से एक स्थिर और मजबूत सरकार का नेतृत्व मिला हुआ है। मोदी सरकार के इस कार्यकाल में कई ऐसे ऐतिहासिक और बड़े फैसले लिए गए हैं, जो पहले की सरकारों के लिए सिर्फ एक सपना हुआ करते थे।

20 साल में 25 तबादले, फिर भी बेखौफ! इस IAS के डर से मिलावटखोरों में हड़कंप, बंद होने लगे रेस्टोरेंट

यही कारण है कि विपक्ष अक्सर तमाशा खड़ा करके सरकार विरोधी नैरेटिव गढ़ने की कोशिश करता है। देश के युवाओं को ऐसे राजनीतिक झांसों से बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। आजादी का असली मूल्य वही समझता है जिसने गुलामी देखी हो। देश को सुरक्षित और अखंड बनाए रखना ही हम सबकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *