उत्तर प्रदेशहोम

6 हजार के मानदेय से नाराज पंचायत सहायकों का अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन, 30 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर अड़े

Eela India News

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला करीब 6 हजार रुपये का मानदेय उनकी जिम्मेदारियों और बढ़ती महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। अपनी मांगों को लेकर पंचायत सहायक अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं।

प्रदर्शनकारी पंचायत सहायकों की प्रमुख मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को धरातल तक पहुंचाने में पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

पंचायत सहायकों का आरोप है कि उनसे लगातार कई प्रकार के ऑनलाइन और विभागीय कार्य कराए जाते हैं, लेकिन इसके अनुपात में उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

धरने में शामिल पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं और मांगें पूरी होने तक पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।

क्या हैं पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगें

न्यूनतम कुशल मजदूरी दर के बराबर मानदेय

पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन की प्रमुख मांग है की पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए या तो कम से कम उत्तर प्रदेश में निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर के बराबर मानदेय प्रदान किया ही जाए। गौरतलब है कि वर्तमान में पंचायत सहायकों के लिए वर्तमान में ₹ 6,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया जा रहा है। इसका भुगतान ग्राम पंचायत की निधि से किया जाता है।

स्थायी सेवा नियमावली एवं राज्य कर्मचारी का दर्जा

पंचायत सहायकों की अन्य मांग है कि उनकी वर्तमान में प्रचलित अनुबंध/संविदा प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। साथ ही स्थायी सेवा नियमावली बनाते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए।

पदोन्नति में क्षैतिज आरक्षण प्रदान

पंचायत सहायकों के अनुभव एवं कार्य को ध्यान में रखते हुए आगामी ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती में 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाए।

राजधानी लखनऊ में पंचायत सहायकों का यह आंदोलन ऐसे समय में जारी है, जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। अब देखना होगा कि सरकार पंचायत सहायकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलन को समाप्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *