PM मोदी के ‘नाराज फूफा’ वाले तंज ने मचाया इंटरनेट पर धमाल, सोशल मीडिया यूजर्स ले रहे हैं जमकर मजे
भारतीय राजनीति में अपने अनोखे अंदाज और तीखे बयानों के लिए मशहूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर विरोधियों पर तंज कसने के लिए एक नया और दिलचस्प शब्द गढ़ा है।
हाल ही में दिल्ली के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राजनीतिक विरोधियों और विकास कार्यों की आलोचना करने वालों की तुलना ‘नाराज फूफा’ से कर दी। उनके मुंह से यह शब्द निकलते ही सियासी गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी भूचाल आ गया है। इंटरनेट पर अब ‘नाराज फूफा’ ट्रेंड कर रहा है और यूजर्स इस पर एक से बढ़कर एक हास्यास्पद और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
शादियों वाले ‘फूफा’ से लेकर देश के विकास तक, पीएम मोदी ने क्यों किया यह जिक्र?
भारतीय परिवारों और शादियों के कल्चर से वाकिफ हर शख्स ‘नाराज फूफा’ के मिजाज को अच्छी तरह समझता है। अक्सर पारिवारिक समारोहों में मान-सम्मान में थोड़ी सी भी कमी होने पर फूफा जी हत्थे से उखड़ जाते हैं। कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर एक ऐसी खबर वायरल हुई थी जिसमें एक समारोह में एहमियत न मिलने पर खफा एक फूफा ने आधा दर्जन गाड़ियों के टायर ही पंचर कर दिए थे।
इसी सामाजिक संदर्भ का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश में स्टेचू ऑफ यूनिटी, हाई स्पीड ट्रेन या डिजिटल यूपीआई जैसी बड़ी और क्रांतिकारी योजनाएं लाई गईं, तब इन ‘नाराज फूफाओं’ ने अपनी कमर कस ली और सवाल उठाया कि इसकी क्या जरूरत थी। पीएम ने साफ किया कि देशहित में जो जरूरी है, उसे करने से भारत को कोई नहीं रोक सकता।
पवन खेड़ा का पलटवार और पिछले बारह सालों से कमजोर होता विपक्ष
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी खेमे से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आनी शुरू हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तंज कसते हुए लिखा कि भाषण इतना बोरिंग था कि प्याज भी रो पड़े।
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हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले बारह सालों से देश में एनडीए (NDA) गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है और विपक्ष के पास पीएम मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस समेत कई क्षेत्रीय दलों का ग्राफ लगातार नीचे आ रहा है, जिससे राजनीतिक मैदान में विपक्ष की भूमिका इन ‘नाराज फूफाओं’ जैसी ही प्रतीत हो रही है जो हर अच्छे काम में मीन-मेख निकालते रहते हैं।

