Nitish Kumar का नेतृत्व या बीजेपी का नया सरप्राइज, बिहार चुनाव 2025 में ऐसी चर्चाएं तेज
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Elections) की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग (Election Commission) के द्वारा कभी भी हो सकता है। इस बीच राज्य के राजनीतिक माहौल में हलचल तेज़ हो गई है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने जनता को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए चुनावी प्रचार (Election Campaign) का रुख तेज़ कर दिया है। इस बार की चुनावी लड़ाई में PM नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी मैदान में हैं। उन्होंने बिहार के पूर्वी चंपारण से एनडीए (NDA) के चुनाव प्रचार की शुरुआत की और साथ ही 7200 करोड़ रुपये (Rs 7200 crore) की विकास परियोजनाओं (development projects) का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
PM मोदी ने बिहार के विकास के बारे में एक बड़ी भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए फिर से सत्ता में आती है तो बिहार को एक विकसित राज्य के रूप में देखा जाएगा। पीएम मोदी ने अन्य विकसित शहरों की मिसाल देते हुए कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि बिहार जल्द ही एक आधुनिक राज्य के रूप में उभरेगा जहाँ पटना, पुणे की तरह औद्योगिक रूप से समृद्ध होगा और गया, गुरुग्राम की तरह विकसित होगा।
नीतीश कुमार के लिए एक नई चुनौती
नीतीश कुमार (Nitish Kumar) जो पिछले 20 सालों से CM पद (Chief Minister’s post) पर काबिज हैं, इस बार एक नई दुविधा का सामना कर रहे हैं। उनके नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर जब से यह चर्चा होने लगी कि क्या एनडीए अगले चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा या नहीं। बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेता, जिनमें PM मोदी और अमित शाह भी शामिल हैं, अब तक CM पद के उम्मीदवार के बारे में कोई स्पष्टता नहीं दिखा रहे हैं। बीजेपी के राज्य नेतृत्व (State Leadership) में भी दबाव बढ़ता जा रहा है कि नीतीश के नेतृत्व में आगामी चुनाव न लड़ा जाए और इसके लिए पार्टी के अंदर कुछ नेताओं को CM पद का उम्मीदवार बनाने की संभावना पर विचार हो सकता है।
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राजद का हमला: मानसिक स्थिति पर सवाल
मुख्य विपक्षी दल राजद (RJD) ने नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति (mental state) पर सवाल उठाए हैं। यह मामला उस वक्त सामने आया जब एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नीतीश कुमार को राष्ट्रगान के दौरान मुस्कुराते और बातें करते हुए देखा गया था। राजद के नेताओं, जैसे राबड़ी देवी और मीसा भारती ने आरोप लगाया कि बिहार के CM अब मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं और ये राज्य की सत्ता में उनकी भूमिका पर असर डाल सकता है।
जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार (Election Strategy) प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने भी नीतीश कुमार को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित करते हुए कहा कि उन्हें अब CM पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
नीतीश कुमार के बेटे का आत्मविश्वास: “मेरे पिता फिर से CM बनेंगे”
इन तमाम कयासों के बीच, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने अपने पिता के पक्ष में बयान दिया है। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि एनडीए फिर से सरकार बनाएगी और मेरे पिता CM बनेंगे। बिहार की जनता उनके द्वारा किए गए कार्यों का सम्मान करेगी और उन्हें भारी बहुमत से फिर से चुनेंगे।” निशांत कुमार का यह बयान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में बड़ा महत्व रखता है, क्योंकि यह नीतीश के समर्थकों का उत्साह बढ़ा सकता है।
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उपेंद्र कुशवाहा का सलाह और रणनीति
एनडीए के सहयोगी नेता उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने भी नीतीश कुमार को कुछ अहम सलाह दी। उन्होंने नीतीश से कहा कि उन्हें अब जेडीयू (JDU) अध्यक्ष पद छोड़ देना चाहिए और अपने बेटे निशांत कुमार को नेतृत्व सौंप देना चाहिए। उपेंद्र कुशवाहा का मानना है कि इससे पार्टी में नई जान आएगी और बिहार के विकास (Development) में एक नई दिशा मिलेगी। कुशवाहा ने इस मुद्दे को लटकाए रखने से पार्टी के लिए नुकसान होने की चेतावनी दी। उन्होंने यह अनुरोध नीतीश कुमार को उनके बेटे के जन्मदिन के मौके पर किया।
क्या होगा बिहार का भविष्य और बीजेपी का अगला कदम क्या
बीजेपी ने पिछले चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था और अब वह बिहार में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने (Bihar Elections) की योजना बना रही है। पार्टी का मानना है कि अगर एनडीए (NDA) जीतता है, तो CM पद का उम्मीदवार बीजेपी तय कर सकती है। सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) और दिलीप जायसवाल (Dilip Jaiswal) जैसे नेताओं को CM पद के लिए संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा सकता है। वहीं, जेडीयू (JDU) को शांत रखने के लिए नीतीश कुमार को मंत्रिमंडल में सम्मानजनक पद (Ministerial Post) दिए जाने की संभावना हो सकती है। Bihar Assembly Elections

