विमान सुरक्षा में इतना पिछड़ा क्यों है भारत, अहमदाबाद हादसे के बाद उठे कई गंभीर सवाल
अहमदाबाद में विमान दुर्घटना (Ahmedabad Plane Crash) के बाद कई शुभचिंतकों और मित्रों ने अपने जानने वालों से कहा कि अगर आप विमान से बहुत यात्रा करते हैं, सावधान रहें।
पिछले साल भारत में सड़क हादसों में 18 लाख लोगों की मौत हुई। भारत में रेल यात्रा में हर साल औसतन 20,000 लोगों की मौत होती है। इन आंकड़ों को देखते हुए हवाई यात्रा निश्चित रूप से सुरक्षित (Air Travel Safety) लगती है। फिर भी कुछ सवाल बने हुए हैं। अहमदाबाद विमान हादसे (Air India plane crash) के बाद ये और भी तीखे हो गए हैं। हवाई यात्रियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा यात्रा अमेरिकी करते हैं। दूसरे नंबर पर चीन और तीसरे नंबर पर भारत है।
मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 165.4 मिलियन तक पहुंच गई। यह आंकड़ा 2023-24 से 7.6 फीसदी ज्यादा है। यह संख्या अब से हर साल बढ़ेगी; क्योंकि लगभग सभी छोटे शहर एयरपोर्ट और एयरलाइन सेवाओं के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। हवाई यात्रा सुरक्षा के मामले में भारत अभी भी इतना पीछे क्यों है? इस मामले में हम 48वें स्थान (Indian airport ranking) पर हैं।
ये भी पढ़ें- जानें क्यों जरूरी है पर्यावरण संरक्षण, हमारी लापरवाही छीन रही आने वाली पीढ़ियों का हक
2018 में हम 102वें स्थान पर थे और 2022 में हम 48वें स्थान पर आ गए। लेकिन अगर संख्या के मामले में हम इतने आगे हैं हवाई यात्रियों की सुरक्षा के बारे में भी हमें सावधान रहना चाहिए। भारत सरकार ने 2024 में बहुत पुराने नियमों को बदल दिया है। इसलिए बहुत अंतर होने की संभावना है। लेकिन छोटी-छोटी बातें बड़ी शंकाओं को जन्म देती हैं। नागपुर एयरपोर्ट (Nagpur airport crash) का उदाहरण लें। एक दिन अचानक छत का एक टुकड़ा गिर गया। सौभाग्य से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन कुछ यात्री घायल हो गए। हवाई परिवहन में हर मामले में पूरी सावधानी बरतने की नीति है। ऐसी स्थिति में यह टुकड़ा कैसे गिरा? निर्माण में गलती के कारण! ऐसी कई और घटनाएं हैं।
देश में पहले भी हो चुके हैं बहुत हादसे
अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के विमान (Air India plane crash) के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन उसी दिन उसी विमान से अहमदाबाद से दिल्ली आए एक यात्री ने जो वीडियो प्रसारित किया, वह भयावह था। वीडियो में दिख रहा है कि विमान का कोई भी बटन काम नहीं कर रहा था। यात्री इसलिए परेशान थे क्योंकि एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद था। क्या अहमदाबाद पहुंचने के बाद विमान की जांच की गई थी? ये स्पष्ट है कि कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो कहीं न कहीं कोई गलती जरूर हुई होगी! हवाई परिवहन के क्षेत्र में गलतियों के बड़े उदाहरण हैं इतिहास।
ये भी पढ़े- ये भारत की सबसे रहस्यमयी नदी, इसके पानी को छूने से डरते हैं लोग
भारत में हुए कुछ विमान हादसों को याद करें। 1978 में नए साल के पहले दिन दुबई जा रहा एयर इंडिया (Air India plane crash) का विमान मुंबई से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद समुद्र में जा गिरा। बोइंग 747 में सवार सभी 213 यात्रियों की मौत हो गई। दुर्घटना का कारण तकनीकी खराबी और ‘पायलट भ्रम’ पाया गया। अप्रैल 1993 में, इंडियन एयरलाइंस का एक विमान उड़ान भरते समय रनवे पर एक ट्रक से टकरा गया। दुर्घटना का कारण अधिक वजन और पायलट की गलती बताया गया। अगस्त 2020 में, विमान कोझीकोड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते समय रनवे से आगे निकल गया और एक खड्ड में जा गिरा। विमान टुकड़े-टुकड़े हो गया, जिसमें दो पायलटों सहित 21 यात्रियों की मौत हो गई। इससे पहले 1990 में, बेंगलुरु हवाई अड्डे के पास इंडियन एयरलाइंस का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 92 यात्रियों की मौत हो गई थी। वह भी पायलट की गलती पाई गई थी।
ये भी पढ़ें- 20 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी भारत की GDP, मिला अरबों डॉलर का खजाना
विदेशी एयरलाइनों की तुलना में हमारे देश (Safe air travel India) में हवाई यात्रा उतनी सुखद और आरामदायक नहीं है। चलिए इस तथ्य को छोड़ दें कि विमान हवा में हिलता है; कई बार ऐसा होता है कि विमान हवा में हिलता है। विमान उतरते समय यात्रियों की जान अटक जाती है। ऐसी बहुत सी बातें हैं। भारत में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में बहुत सी बातों पर विचार करना पड़ता है। ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की बहुत जरूरत है। क्या यह शर्म की बात नहीं है कि हमारा कोई भी एयरपोर्ट ‘टॉप 25’ में नहीं है? इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट भीड़भाड़ के मामले में दुनिया में नौवें नंबर पर है; लेकिन यह दुनिया के सबसे अच्छे एयरपोर्ट की सूची में 32वें नंबर पर भी आता है। ऐसा क्यों?
एक आखिरी सवाल: 2006 से 2024 तक भारत में 10 एयरलाइंस (Why airline companies shut down) क्यों बंद हो गईं? कई सवाल हैं। लेकिन एक बात बता दें कि कि बिना किसी डर के हवाई यात्रा करें। इससे समय की बचत होती है और यात्रा के दूसरे साधनों से ये सुरक्षित भी है।

