DL के नियमों में सरकार का बड़ा फेरबदल: ड्राइविंग टेस्ट फेल होने का खतरा बढ़ा, जान लें नया पासिंग मार्क्स!
अब ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाना या उसमें संशोधन कराना पहले जैसा आसान नहीं रहने वाला है। सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा जारी किए गए नए मसौदे (Draft Proposal) में ड्राइविंग टेस्ट के नियमों को कड़ा करने से लेकर कई सेवाओं को शुल्क मुक्त करने तक के प्रावधान शामिल किए गए हैं। अगर आप भी नया लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं या पुराने में कोई अपडेट कराना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि इन प्रस्तावित बदलावों का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा।
ड्राइविंग टेस्ट हुआ सख्त, अब पास होने के लिए चाहिए होंगे 75% नंबर
नए प्रस्ताव के तहत सबसे बड़ा बदलाव ड्राइविंग टेस्ट (Driving Test) और ट्यूटोरियल को लेकर किया गया है। वर्तमान नियमों के मुताबिक टेस्ट पास करने के लिए 60% अंकों की आवश्यकता होती है, लेकिन नए मसौदे में इसे बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, ड्राइविंग ट्यूटोरियल की अवधि को कम से कम 30 मिनट रखना अनिवार्य किया जा सकता है। सरकार का यह कदम सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और चालकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति ज्यादा गंभीर बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
नाम और पता बदलवाना हुआ मुफ्त, ऑनलाइन आधार सत्यापन पर भी राहत
इस मसौदे में आम नागरिकों के लिए कुछ राहत भरी खबरें भी शामिल हैं। यदि आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस में नाम, पता, मोबाइल नंबर या अन्य निजी जानकारी में कोई बदलाव कराना चाहते हैं, तो नए प्रस्ताव के अनुसार इन सेवाओं पर लगने वाली फीस को पूरी तरह से समाप्त करने का विचार किया गया है। इसके साथ ही, ऑनलाइन आधार सत्यापन (Aadhaar Authentication) के जरिए लाइसेंस से जुड़ी अन्य सेवाओं का लाभ उठाने पर भी कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
तय समय सीमा के भीतर करना होगा आवेदनों का निपटारा
लाइसेंस सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए समय सीमा (Time Limit) तय करने का प्रस्ताव भी लाया गया है। इसके तहत नाम या पता परिवर्तन जैसे आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अपना फैसला लेना होगा। यदि आवेदन खारिज किया जाता है, तो उसका स्पष्ट कारण भी बताना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यदि पते में बदलाव का आवेदन बिना किसी कार्रवाई के 30 दिनों तक लंबित रहता है, तो उसे स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा, जिससे लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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दस्तावेजों के नियमों में बदलाव और LIC पॉलिसी हटाई गई
नए मसौदे के अनुसार पहचान, आयु और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्र मान्य होंगे। इसके अलावा 3 महीने से पुराने बिजली या गैस के बिल भी पते के सबूत के रूप में स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि अब पते के प्रमाण के रूप में एलआईसी (LIC) पॉलिसी की कॉपी को मान्य दस्तावेजों की सूची से हटाने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही, लाइसेंस रिन्यूअल और डुप्लीकेट कॉपी के लिए एक साझा फॉर्म (Common Form) का उपयोग होगा, जिसकी जानकारी ‘सारथी पोर्टल’ (Sarathi Portal) से सीधे फेच की जाएगी।


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