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UP Panchayat Election: तो क्या इस वजह से नहीं हो रहा प्रधान का चुनाव? अखिलेश यादव ने लगाया बड़ा आरोप, जानिए क्या कहा…

मतदाता सूची में गड़बड़ी का दावा, बोले—प्रधानों को हर मतदाता की पहचान होती है

Eela India News

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में हो रही देरी को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जानबूझकर पंचायत चुनाव नहीं कराए, क्योंकि ग्राम प्रधान और प्रधान पद के प्रत्याशी अपने गांव के मतदाताओं को अच्छी तरह पहचानते हैं। ऐसे में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का खुलासा हो सकता था।

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कुछ मतदाताओं के नाम पर बड़ी संख्या में प्रविष्टियां होने का दावा किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए सुनीता पत्नी राजेश और राजकुमारी पत्नी राजकुमार के नामों का उल्लेख किया तथा मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई, ताकि फर्जी प्रविष्टियों पर रोक लगाई जा सके।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को राज्य में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। ऐसे में अब चुनाव की तैयारियों और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर सरकार तथा निर्वाचन तंत्र की भूमिका पर नजरें टिकी हैं।

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हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव टालने के पीछे राजनीतिक साजिश होने संबंधी अखिलेश यादव के आरोप उनके दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

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