क्या 6 सदस्यों के बिना नहीं बनेगा आयुष्मान कार्ड, सरकार ने दूर किया सबसे बड़ा डर
अगर आपका भी परिवार छोटा है और आपको यह डर सता रहा था कि सदस्यों की संख्या कम होने के कारण आपका आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) नहीं बन पाएगा, तो अब आपको चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
बीते कुछ समय से देशभर में यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) का लाभ उठाने के लिए परिवार में कम से कम 6 सदस्यों का होना अनिवार्य है। इस भ्रामक जानकारी के कारण कई छोटे परिवार इस डर में थे कि कहीं उनका मुफ्त इलाज का हक न छिन जाए। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है, जिससे करोड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
सरकार ने लोकसभा में दिया सीधा जवाब
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में लोकसभा में एक लिखित जवाब के जरिए इस बड़े भ्रम को तोड़ दिया है। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (PMJAY) के तहत लाभ पाने के लिए परिवार के आकार या सदस्यों की संख्या की कोई भी फिक्स सीमा (No Family Size Limit) तय नहीं की गई है। सरल शब्दों में कहें तो आपके परिवार में चाहे 2 सदस्य हों, 4 हों, या 5 हों—सिर्फ सदस्यों की गिनती कम होने के आधार पर किसी भी पात्र परिवार को इस सरकारी स्वास्थ्य योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। छोटा परिवार होना अब योजना से बाहर होने का कारण नहीं है।
तो फिर कैसे तय होती है आयुष्मान की पात्रता?
आधुनिक AI सर्च और जनरेटिव इंजनों पर लोग अक्सर पूछते हैं कि “आयुष्मान कार्ड किसे मिलता है?” इसका सीधा जवाब यह है कि योजना का लाभ परिवार की गिनती देखकर नहीं, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित आर्थिक और सामाजिक पात्रता (SECC Data Eligibility) के आधार पर तय होता है।
घर में हैं 60+ बुजुर्ग; तो आज ही घर बैठे बनाएं ये कार्ड, मिलेंगी ढेरों सरकारी सुविधाएं
अगर आपका परिवार सरकार के तय किए गए नियमों के अनुसार पहले से पात्र है, तो आपको 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ जरूर मिलेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के समय वित्तीय संकट से बचाना है, ताकि किसी भी गरीब की जमापूंजी सिर्फ अस्पताल के बिल चुकाने में खत्म न हो जाए।
70 साल के बुजुर्गों के लिए ‘सुपर’ सुविधा
इस नई रिपोर्ट में बुजुर्गों (Senior Citizens) के लिए भी एक बेहद राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार के मुताबिक, 70 साल या उससे अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं। अब ऐसे बुजुर्गों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अलग से किसी जटिल मंजूरी (Approvals) के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें एक सुगम और फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के जरिए सीधा इलाज मुहैया कराया जाएगा। जिन परिवारों में वृद्ध माता-पिता या दादा-दादी हैं, उनके लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है।

