complaint against high price: रेल नीर महंगी, GST कटौती का फायदा नहीं, ऐसे करें कंप्लेन
complaint against high price: सरकार ने कुछ दिन पहले GST के स्लैब्स में बड़ा बदलाव किया था। इसके तहत कई जरूरी चीजें सस्ती कर दी गईं, जिससे आम जनता को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी। इस नए बदलाव को 22 सितंबर से लागू कर दिया गया है और अब इसका असर धीरे-धीरे जमीनी हकीकत में दिखने भी लगा है।
मगर जब बात रेलवे में मिलने वाली ‘रेल नीर’ की बोतल की आती है, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है।
रेल नीर के नाम पर यात्रियों से अब भी वसूली!
ट्रेन में सफर करते वक्त यात्रियों की नजरें जब प्यास बुझाने के लिए ‘रेल नीर’ की बोतल पर जाती हैं, तो उन्हें उम्मीद होती है कि अब ये थोड़ी सस्ती मिलेगी। मगर हकीकत में कई स्टेशनों और ट्रेनों में जीएसटी कटौती का फायदा जमीन पर नहीं दिख रहा है।
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लोगों को अब भी 1 लीटर की बोतल 15 रुपये में बेची जा रही है, वही नई दर 14 रुपये होनी चाहिए। आधा लीटर की बोतल, जो पहले 10 रुपये की मिलती थी, अब 9 रुपये में होनी चाहिए मगर कई जगह अब भी पुरानी दरें ही चल रही हैं।
वजह क्या है? सिस्टम की ‘सुपरफास्ट लेटलतीफी’
सरकार ने तो टैक्स घटा दिया मगर स्टेशन स्तर पर होलसेल से लेकर रिटेल तक की चेन में कहीं न कहीं अड़चन है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अक्सर डिस्ट्रिब्यूशन मार्जिन, स्टॉक क्लियरेंस और पुरानी रेट की बोतलों के कारण नई कीमतें तुरंत लागू नहीं हो पातीं।
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मगर सवाल ये है कि जब जीएसटी घट चुका है, तो आम आदमी को इसका सीधा फायदा क्यों नहीं मिल रहा? क्या ये सिस्टम की सुस्ती है या कहीं और कोई गड़बड़ी?
ऐसे करें शिकायत (complaint against high price)
यदि आप भी ट्रेन में या स्टेशन पर ‘रेल नीर’ की बोतल नए रेट से महंगी खरीदने को मजबूर हुए हैं, तो आप चुप न रहें। रेलवे खुद यात्रियों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दे रहा है वो भी ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से।
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ऑनलाइन शिकायत कैसे करें
- सबसे पहले IRCTC या रेलवे के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं।
- शिकायत फॉर्म भरें – इसमें स्टेशन का नाम, तारीख, खरीदी गई वस्तु और उसकी कीमत भरनी होगी।
- साथ ही यदि आपके पास बिल या रसीद है, तो उसकी फोटो अपलोड करना न भूलें। इससे कार्रवाई में तेजी आती है।
- WhatsApp नंबर 8800001915 पर करें शिकायत।
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ऑफलाइन शिकायत कैसे करें
- यदि आप स्टेशन पर हैं, तो वहां के हेल्प डेस्क या कस्टमर फोरम में जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत की पूरी जानकारी एक लिखित फॉर्म में दें।
- अधिकारी आपकी शिकायत की जांच करते हैं। यदि गड़बड़ी पाई जाती है, तो वेंडर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- इसके अलावा, यदि आपको लगता है कि बात गंभीर है, तो आप कंज्यूमर फोरम में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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आखिर में सवाल यही, जनता को राहत कब मिलेगी
सरकार भले ही अपने स्तर पर टैक्स घटा चुकी हो, मगर जब तक जमीन पर असर नजर न आए, तब तक आम जनता को फर्क महसूस नहीं होता। प्यास लगने पर यदि 1 रुपये की राहत भी ना मिले, तो सवाल उठना लाजमी है। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द वेंडरों को निर्देश दे ताकि ‘रेल नीर’ के नाम पर यात्रियों से फिजूल की वसूली बंद हो।
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देश में हाल ही में जीएसटी दरों में बदलाव किया गया है, जिससे कई उत्पादों के दाम घटने की उम्मीद की जा रही थी। सरकार का यह फैसला 22 सितंबर से लागू हो चुका है। मगर जब बात रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाली बोतलबंद पानी ‘रेल नीर’ की आती है, तो तस्वीर कुछ और ही सामने आती है।
जहां एक ओर सरकार की तरफ से जीएसटी में कटौती कर राहत देने की बात कही गई थी, वहीं जमीन पर इसकी गूंज सुनाई नहीं दे रही। खासतौर से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अब भी रेल नीर की बोतलें पुराने दामों पर बेची जा रही हैं।
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रेल नीर के दाम में ₹1 की कटौती मामूली लग सकती है, मगर जब यही कीमत हर स्टेशन और ट्रेन पर वसूली जाती है, तो लाखों यात्रियों पर इसका असर पड़ता है। यात्रियों को अपना हक पता होना चाहिए और यदि कोई गड़बड़ी है, तो शिकायत (complaint against high price) करना जरूरी है।
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GST घटने के बावजूद कीमतों में तुरंत गिरावट न आने का कारण स्टेशन स्तर पर वितरकों और विक्रेताओं के मार्जिन बताए जा रहे हैं। अक्सर स्टेशन पर होलसेल और रिटेल रेट में अंतर होता है, और टैक्स घटने के बावजूद इनकी बिक्री की दरें तुरंत कम नहीं होतीं। कई बार पुराने स्टॉक का भी असर रहता है।
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आपको बता दें कि GST में कटौती का फायदा यात्रियों तक तभी पहुंचेगा जब सभी स्तरों पर पारदर्शिता और निगरानी रहेगी। आम आवाम को जागरूक रहना होगा और सही कीमत न मिलने पर अपनी आवाज़ उठानी होगी।
यदि रेलवे की ओर से संतोषजनक जवाब न मिले तो उपभोक्ता फोरम (complaint against high price) में भी केस दर्ज कराया जा सकता है। यह विकल्प तब ज़्यादा उपयोगी होता है जब बार-बार शिकायत के बावजूद कोई बदलाव न हो।


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