कांग्रेस ने मांगी 150, अखिलेश इतनी सीटें देने के मूड में; यूपी चुनाव से पहले सपा का ‘मास्टरस्ट्रोक’
उत्तर प्रदेश के सियासी हलकों में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ी चर्चा इंडिया गठबंधन (INDIA Block) के अहम सहयोगियों—समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर है।
मीडिया में आ रही अंदरूनी खबरों की मानें तो सीट बंटवारे की गुत्थी उलझती जा रही है। कांग्रेस जहां यूपी में 150 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा ठोक रही है, वहीं सपा का शीर्ष नेतृत्व उसे 50 से ज्यादा सीटें देने के मूड में बिल्कुल नहीं दिख रहा है। इसी खींचतान के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक सोशल मीडिया पोस्ट सियासी गलियारों में बहस का नया मुद्दा बन गया है।
अखिलेश यादव का कांग्रेस को कड़ा संदेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने एक्स (X) हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए बिना नाम लिए कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाने की नसीहत दे डाली है। उन्होंने लिखा है कि जब मकसद साफ होता है, तो लोग हाथ में हाथ डालकर चलते हैं। निगाह अगर मंजिल पर हो, तो सफर अपने आप आसान हो जाता है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि असली मुद्दा यह नहीं है कि गठबंधन में किसे कितनी सीटें मिल रही हैं या कौन सी सीट किसके खाते में जा रही है। सबसे बड़ी बात यह सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की ही हो।
‘आरक्षण और संविधान पर भाजपाई आंच न आए’
अपने पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने आगे लिखा, “मैं फिर दोहराता हूं, बात सीट की नहीं बल्कि जीत की है।” उन्होंने कहा कि यह जीत किसी एक पार्टी की नहीं बल्कि उस संयुक्त कोशिश की होगी, जो लगातार इसलिए लड़ रही है ताकि सांप्रदायिकता दोबारा सिर न उठा सके। लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण पर भाजपा की कोई आंच न आए, इसी लक्ष्य के साथ देश की तरक्की और खुशहाली के लिए यह एकजुटता जरूरी है।
कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल: ‘कोई विवाद नहीं है’
पूर्व सीएम यादव के इस सख्त संदेश के बाद कांग्रेस बैकफुट पर डैमेज कंट्रोल करती दिखी। यूपी कांग्रेस के नेता सुरेंद्र राजपूत ने गठबंधन में किसी भी तरह की दरार से इनकार किया है। उन्होंने अखिलेश की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि जीत का लक्ष्य बिल्कुल सही है और सपा के साथ सीट बंटवारे पर कोई विवाद नहीं चल रहा है। राजपूत ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेगा। जिस इलाके में जिस पार्टी का उम्मीदवार जीतने की स्थिति में होगा, वहां उसी पार्टी का सिंबल इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा, यह फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेता तय करेंगे।
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बीजेपी ने लिए मजे, बताया ‘स्वार्थ का गठबंधन’
सपा और कांग्रेस के बीच चल रही इस शह-मात की राजनीति पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी चुटकी ली है। यूपी बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इस गठबंधन को पूरी तरह से स्वार्थ पर टिका हुआ बताया। त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव कांग्रेस को उसकी असल हैसियत याद दिला रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले अखिलेश ने कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से पीडीए यात्रा शुरू की, फिर राज्यसभा में उन्हें उनकी जगह दिखाई और अब सोशल मीडिया पर नसीहत दे रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, कांग्रेस का 150 से 200 सीटें मांगना उनके अहंकार को दर्शाता है। दोनों पार्टियों में कोई वैचारिक समानता नहीं है, इसलिए इस गठबंधन में सामंजस्य बैठाना नामुमकिन है।

