पंचायत चुनाव से पहले योगी का ऐलान, एक योजना से बदलेगी गांव की तस्वीर
Gram Parivahan Yojana 2026: उत्तर प्रदेश के गांवों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए आने वाला समय परिवहन के लिहाज से बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है। राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की कमी को दूर करने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। इस योजना का मकसद उन गांवों तक भी बस सेवा पहुंचाना है जहां अभी तक नियमित परिवहन की सुविधा नहीं थी।
गांवों तक परिवहन पहुंचाने की तैयारी
10 मार्च को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने परिवहन से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव मंजूर किया। इसके तहत प्रदेश की करीब 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ने की योजना बनाई गई है। सरकार मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 शुरू करने की तैयारी कर रही है।
इस योजना (CM Village Transport Scheme) का मुख्य लक्ष्य उन करीब 12,200 गांवों तक पहली बार बस सुविधा उपलब्ध कराना है जहां अभी तक कोई नियमित सार्वजनिक परिवहन नहीं पहुंच पाया है। सरकार का मानना है कि इससे गांव और शहर के बीच संपर्क बेहतर होगा।
छोटी बसों से चलेगी सेवा
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार योजना के तहत गांवों के लिए 28 सीटों वाली छोटी बसें चलाई जाएंगी। कई ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई कम होने के कारण बड़ी बसों का संचालन मुश्किल होता है। इसलिए छोटे आकार की बसों का चयन किया गया है।
योजना की एक खास बात यह भी है कि इन बसों के संचालन पर टैक्स नहीं लिया जाएगा। निजी ऑपरेटरों को भी बस चलाने की अनुमति दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर परिवहन सेवाएं तेजी से शुरू करने में मदद मिल सकती है।
जिला स्तर पर बनेगी कमेटी
बसों के संचालन और रूट तय करने के लिए प्रत्येक जिले में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसकी अध्यक्षता जिला अधिकारी करेंगे। इस समिति में सीडीओ, एसपी और एआरटीओ जैसे अधिकारी शामिल होंगे।
बसों का संचालन इस तरह से तय किया जाएगा कि गांव से सुबह करीब 6 या 7 बजे बस चलकर ब्लॉक और तहसील से होते हुए सुबह 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंच सके। दिन में बस अन्य रूटों पर भी चल सकती है और शाम 4 बजे के बाद से रात 8 बजे तक दोबारा गांव लौटने की व्यवस्था होगी।
बस ऑपरेटरों को यूपीएसआरटीसी के साथ अनुबंधित किया जाएगा और इसके लिए लगभग 1500 रुपये मासिक शुल्क लिया जाएगा। सरकार यह भी चाहती है कि बसों के ड्राइवर और कंडक्टर संबंधित गांवों या आसपास के क्षेत्र के हों ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
किसानों, छात्रों और महिलाओं को होगा फायदा
सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण जीवन पर कई सकारात्मक प्रभाव पड़ेंगे। किसानों को अपनी उपज और कृषि उत्पाद को ब्लॉक या जिला मुख्यालय के बाजार तक ले जाने में आसानी होगी।
छात्रों के लिए स्कूल और कॉलेज पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में कम परेशानी होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार यदि योजना सही तरीके से लागू होती है तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। बस सेवा शुरू होने से परिवहन से जुड़े कई नए रोजगार पैदा हो सकते हैं।
UP Free Scooty Yojana 2026: फ्री स्कूटी पाने का सबसे आसान तरीका, बस ये 6 डॉक्यूमेंट रखें तैयार
हालांकि असली असर तभी साफ होगा जब यह योजना पूरी तरह जमीन पर लागू हो जाएगी और गांवों तक नियमित बस सेवा पहुंचने लगेगी।

