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इलाज के लिए कर्ज लेना बंद! पीएफ खाते से ऐसे निकालें लाखों रुपये, कभी वापस भी नहीं करना होगा पैसा

सोचिए अचानक आधी रात को घर में किसी की तबीयत बिगड़ जाए, आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़े और इलाज का खर्च देखते ही देखते लाखों में पहुंच जाए। ऐसे मुश्किल वक्त में सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि इतने पैसों का इंतजाम आखिरकार कैसे होगा? लेकिन अगर आप एक नौकरीपेशा हैं और आपकी सैलरी से हर महीने पीएफ (PF) कटता है, तो आपके लिए यह बेहद राहत की खबर है।

अब किसी मेडिकल इमरजेंसी में इलाज के लिए आपको भारी ब्याज पर कर्ज लेने या किसी सगे-संबंधी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मेडिकल एडवांस से जुड़े नियमों को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है, जिससे आप अपने पीएफ खाते से इलाज के लिए घर बैठे ऑनलाइन पैसा निकाल सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह रकम ‘नॉन-रिफंडेबल’ होती है, यानी इसे आपको भविष्य में वापस जमा भी नहीं करना होता।

परिवार के इन सदस्यों के इलाज के लिए उठा सकते हैं फायदा, ये 3 चीजें हैं जरूरी

अगर आप ईपीएफओ के सक्रिय सदस्य हैं, तो आप इस बेहद खास सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह वित्तीय मदद सिर्फ आपके स्वयं के इलाज के लिए ही सीमित नहीं है, बल्कि आपके जीवनसाथी (पति/पत्नी), बच्चों और आपके आश्रित माता-पिता के इलाज के लिए भी पूरी तरह उपलब्ध है। हालांकि, इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके पीएफ खाते में ये तीन कड़े मापदंड पहले से पूरे होने चाहिए:

  • आपका UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) पूरी तरह एक्टिव होना चाहिए।
  • आपका आधार कार्ड आपके यूएन नंबर से डिजिटल तौर पर लिंक होना चाहिए।
  • आपका चालू बैंक खाता पीएफ अकाउंट के साथ अपडेटेड और सत्यापित (KYC) होना चाहिए।

कैंसर से लेकर बड़ी सर्जरी तक, इन गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगा पीएफ एडवांस

ईपीएफओ के संशोधित नियमों के अनुसार, कई प्रकार की गंभीर बीमारियों और अप्रत्याशित मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत फंड जारी किया जाता है। इस लिस्ट में मुख्य रूप से कैंसर, हार्ट डिजीज (दिल की बीमारियां), किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं, टीबी (तपेदिक), पैरालिसिस (लकवा), मानसिक बीमारी और किसी भी प्रकार की बड़ी या क्रिटिकल सर्जरी का इलाज शामिल है। इसके अतिरिक्त, यदि अचानक जरूरत पड़ने पर किसी भी अन्य गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती (Hospitalization) होना पड़ता है, तब भी यह एडवांस लिया जा सकता है।

कितनी रकम मिलेगी, जानिए ईपीएफओ के क्लेम का पूरा गणित

मेडिकल एडवांस के तहत निकाली जाने वाली राशि का निर्धारण दो मुख्य पैमानों के आधार पर किया जाता है। आप नीचे दिए गए दोनों विकल्पों में से जो भी राशि कम होगी, उतना पैसा एडवांस के रूप में निकाल सकते हैं:

आपके 6 महीने की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के बराबर की कुल राशि।

या फिर आपके पीएफ खाते में वर्तमान में उपलब्ध कुल बैलेंस।

सामान्य तौर पर देखा जाए तो आपातकालीन स्थिति में कोई भी कर्मचारी अपने पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75% तक हिस्सा एडवांस के रूप में आसानी से प्राप्त कर सकता है। यह पूरी राशि पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल (Non-Refundable) श्रेणी में आती है, जिसे चुकाने की कोई लायबिलिटी कर्मचारी पर नहीं होती।

दफ्तरों के चक्कर काटना बंद: उमंग ऐप और ऑनलाइन पोर्टल से ऐसे करें अप्लाई

अब मेडिकल एडवांस के पैसे के लिए आपको अपनी कंपनी या ईपीएफओ के दफ्तरों के चक्कर काटकर परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। आप केंद्र सरकार के ‘उमंग ऐप’ (Umang App) या फिर ईपीएफओ के आधिकारिक ऑनलाइन मेंबर पोर्टल के जरिए खुद ही मिनटों में आवेदन कर सकते हैं। इसकी पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • सबसे पहले ईपीएफओ पोर्टल पर जाएं और अपने UAN और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें।
  • होमपेज पर दिए गए ‘Online Services’ टैब में जाकर ‘Form 31’ (अग्रिम/एडवांस फॉर्म) को चुनें।
  • इसके बाद ड्रॉपडाउन मेनू से ‘Medical Advance’ या बीमारी के इलाज के विकल्प को सिलेक्ट करें और मांगी गई सभी जरूरी जानकारी भरें।
  • आपके आधार और बैंक विवरण का ऑनलाइन वेरिफिकेशन पूरा होते ही, आपको अपना क्लेम फाइनल सबमिट कर देना होगा।

आवेदन के समय इन जरूरी दस्तावेजों और बातों का रखें विशेष ध्यान

सफलतापूर्वक क्लेम सेटलमेंट के लिए आपके पास डॉक्टर द्वारा हस्ताक्षरित मेडिकल सर्टिफिकेट, अस्पताल में भर्ती होने या इलाज के खर्च से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और पीएफ खाते से लिंक बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक की साफ कॉपी होनी चाहिए। अगर आपकी केवाईसी (KYC) पहले से पूरी है, तो यह पैसा बेहद कम कार्यदिवसों के भीतर सीधे आपके पंजीकृत बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है।

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आवेदन करने से पहले हमेशा यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पीएफ खाते में पर्याप्त बैलेंस उपलब्ध हो और आपके द्वारा अपलोड किए जा रहे मेडिकल दस्तावेज बिल्कुल सही और स्पष्ट हों। आप अपने क्लेम की लाइव स्थिति को ईपीएफओ पोर्टल या उमंग ऐप पर ‘ट्रैक क्लेम स्टेटस’ के जरिए कभी भी देख सकते हैं। चूंकि बीमारी कभी बताकर नहीं आती, इसलिए अपने पीएफ खाते की जानकारियों को हमेशा अपडेट रखें ताकि वक्त आने पर इस बेहतरीन सुविधा का सही लाभ उठाया जा सके।

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