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स्पीड कम, लेकिन चतुराई ज्यादा; मयंक यादव ने बदला गेंदबाजी का अंदाज

MI के युवा बल्लेबाज नमन धीर का एक बयान क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कभी भारतीय क्रिकेट का उगता सितारा माने जाने वाले तेज गेंदबाज मयंक यादव के बारे में नमन ने बड़ी बेफिक्री से कहा कि ये कुछ खास नहीं है, वो गेंदबाजी कर रहा है मैं बैटिंग कर रहा हूं। यह मेरे लिए एक और गेंदबाज का सामना करने जैसा है। मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने उसके विरुद्ध कोई खास तैयारी की।

धीर ने मैच में मयंक की चार गेंदों का सामना किया और सिर्फ दो रन बनाए। इस प्रदर्शन को देखते हुए मयंक की गेंदबाजी के प्रति नमन की यह प्रतिक्रिया कितनी जायज थी इस पर बहस हो सकती है। मगर सच्चाई यह है कि तेज गेंदबाज मयंक यादव की बहुप्रतीक्षित वापसी उस तरह की नहीं रही जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले में 40 रन देकर 2 विकेट लेना निश्चित रूप से बुरा प्रदर्शन नहीं है मगर मयंक की गेंदबाजी में वह पुरानी चमक रफ्तार तेजी और तीव्रता नदारद थी जिसके लिए वह जाने जाते थे। सीधे शब्दों में कहें तो उनकी गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी वो खतरनाक नहीं लगे।

दो अहम बल्लेबाजों को लिया विकेट

ये जरूर है कि उन्होंने मुंबई इंडियंस के दो अहम बल्लेबाजों रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या को आउट किया। मगर ये विकेट उनकी तेज गति या खौफ पैदा करने वाली गेंदबाजी से नहीं बल्कि चतुराई से लिए गए थे। दोनों ही विकेट धीमी गेंदों पर आए। रोहित ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद को शॉर्ट थर्ड मैन पर खेला जबकि हार्दिक 134.2 किमी प्रति घंटे की गति वाली गेंद पर बोल्ड हो गए। जब मयंक ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए गेंदबाजी की शुरुआत की तो सबकी निगाहें स्पीड गन पर टिकी थीं। उन्होंने अपनी सबसे तेज गेंद 142 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी।

मयंक यादव ने बनाया बहुत खास रिकॉर्ड

बीता सीजन बिल्कुल अलग था। लगातार 150 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए उनकी सबसे तेज गेंद 156.7 किमी प्रति घंटा (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के विरुद्ध) थी जो उमरान मलिक (157 किमी प्रति घंटा) के बाद किसी भारतीय द्वारा फेंकी गई दूसरी सबसे तेज गेंद थी। मयंक ने पिछले सीजन में सिर्फ चार मैच खेले थे उससे पहले पीठ की चोट के कारण वह बाहर हो गए थे। दिलचस्प बात ये है कि LSG ने उन सभी चार मैचों में जीत हासिल की थी और मयंक उनमें से दो मैचों में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे थे। हालांकि इस बार वह जादू नहीं दिखा पाए और LSG को 54 रनों से हार का सामना करना पड़ा जिससे मुंबई इंडियंस ने लीग चरण में सुपर जायंट्स पर सात मुकाबलों में अपनी पहली जीत दर्ज की।

पिछले सीजन में मयंक के आंकड़े शानदार थे: 12.1 ओवर में सात विकेट 12.14 का औसत और 6.98 की इकॉनमी रेट – 10 ओवर से ज्यादा गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों में तीसरा सबसे अच्छा इकॉनमी रेट। उनके आसपास बनी हाइप बिल्कुल जायज लग रही थी और जल्द ही उन्हें भारत की कैप और बीसीसीआई से एक विशेष तेज गेंदबाजी अनुबंध भी मिल गया। पीठ की चोट के कारण बेंगलुरु में बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र (COE) भेजे जाने से पहले उन्होंने बांग्लादेश के विरुद्ध तीन मैचों की टी20 सीरीज में हिस्सा लिया था। संडे के मैच से पहले उनका आखिरी मुकाबला छह महीने से भी ज्यादा समय पहले 12 अक्टूबर 2024 को था और LSG उन्हें लेकर काफी सतर्क रवैया अपना रही है।

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