बिहार में सरेआम गुंडागर्दी: खान सर को निशाने पर क्यों लिया? वीडियो में खुद खोला बड़ा राज
देश में नकल माफिया, पेपर लीक माफिया, फर्जी डिग्री माफिया के बाद कोचिंग सेंटर माफिया का वर्चस्व सामने आना चिंताजनक है। शिक्षा के कारोबार से इतर बेहद कम फीस पर गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए मशहूर ‘खान सर’ के कोचिंग सेंटर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की दुस्साहसिक घटना ने समूचे बिहार में सनसनी फैला दी है।
बेखौफ हमलावरों ने सुरक्षा गार्ड को भी बुरी तरह पीटा। इसके पहले खान सर के कोचिंग को 48 घंटे के भीतर उड़ाने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। घटना के पीछे एक कोचिंग सेंटर संचालक का हाथ होने की बात सामने आई है। खान सर द्वारा कम फीस पर बच्चों को पढ़ाए जाने की वजह से संबंधित व्यक्ति नाराज चल रहा है।
बिहार में यह घटना कोचिंग सेंटर माफिया की गुंडागर्दी का ज्वलंत उदाहरण है। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति विद्यार्थियों का क्रेज काफी बढ़ा है। विभिन्न कोर्स में दाखिले के लिए यह परीक्षाएं प्रतिवर्ष आयोजित कराई जाती हैं। इनके जरिए प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिलता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के नाम पर कुकुरमुत्तों की तरह खुले कोचिंग सेंटरों में फीस की कोई लक्ष्मण रेखा निर्धारित नहीं है। इन सेंटरों में बच्चों को पढ़ाने के लिए अभिभावकों को अपनी जेब जरूरत से ज्यादा ढीली करनी पड़ती है।
आर्थिक रूप से संपन्न अभिभावकों पर मोटी कोचिंग फीस का असर नहीं पड़ता, मगर गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों से आने वाले बच्चों को मन मसोस कर रहना पड़ता है। ऐसे दौर में खान सर जैसे शिक्षक उन मेधावी बच्चों के लिए उम्मीद की रोशनी हैं, जिनके लिए महंगाई कोचिंग ज्वाइन करना संभव नहीं है। सोशल मीडिया पर खान सर का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में वह कहते हैं कि सबको पता है कि हमले के पीछे कौन हो सकता है। बगल का कोचिंग वाला है। वो बयान भी दिया है कि खान सर का कोचिंग दो दिन में उड़ा देंगे। इन लोग का बस यही है कि इतने कम फीस में नहीं पढ़ाया जाए। अपने पढ़ाने के खास अंदाज की वजह से खान सर आज देशभर के विद्यार्थियों में लोकप्रिय हैं। पढ़ाने के साथ-साथ वह बच्चों को मोटिवेट भी करते रहते हैं।
छात्रों के पसंदीदा हैं खान सर
देश-दुनिया के चर्चित घटनाक्रमों पर खान सर का विश्लेषण एवं नजरिया खूब पसंद किया जाता है। नीट एग्जाम का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले पर पिछले दिनों खासा बवाल मचा था। विपक्षी दलों और विद्यार्थी वर्ग ने केंद्र सरकार के खिलाफ भड़ास निकालने में कसर नहीं छोड़ी थी। इस बीच बिहार की घटना ने एक बार फिर कोचिंग सेंटर माफिया के वरदहस्त को उजागर कर दिया है।
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इसमें दो राय नहीं कि भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा को व्यापार बनाकर रख दिया गया है। सरकारी शिक्षण संस्थानों में न पढ़ाई का बेहतर माहौल है, न सुविधाएं पर्याप्त हैं। प्राइवेट संस्थानों में फीस इतनी अधिक है कि मध्यम वर्ग के परिवारों को वहां अपने बच्चों को भेजने से पहले सौ बार सोचना पड़ता है। राजस्थान के कोटा को भी शिक्षा की मंडी माना जाने लगा है। वहां कोचिंग सेंटरों की भरमार है। यदि खान सर जैसे शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की बजाए डरा-धमका कर हतोत्साहित करने की साजिश होंगी तो यह गरीब परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक साबित होगा।

