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फ्लाइट के अंदर घुसकर हिरासत में लेने पर घमासान: क्या विमान में सीधे एक्शन ले सकती है पुलिस, जानें नियम

दिल्ली एयरपोर्ट पर उस समय बड़ा कानूनी व प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया जब दिल्ली पुलिस की टीम ने लैंडिंग के तुरंत बाद विमान के भीतर दाखिल होकर कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया। राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे दीपके ने इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे सीधा तानाशाही करार दिया और इसकी तुलना आपातकाल के दौर से कर दी। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के बाद अब यह बड़ा कानूनी सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पुलिस को किसी यात्री विमान के भीतर जाकर इस तरह सीधे हिरासत में लेने का वैधानिक अधिकार है।

एयर इंडिया ने सुरक्षा एजेंसी से मांगा जवाब

इस घटनाक्रम के सामने आते ही विमानन और सुरक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है। एयरलाइन का सवाल है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पुलिस कर्मियों को एयरक्राफ्ट के अंदर जाने की अनुमति कैसे दी गई और यदि ऐसी कोई आपात कार्रवाई जरूरी थी तो संबंधित एयरलाइंस प्रबंधन को पहले सूचित क्यों नहीं किया गया।

पुलिस का तर्क: ‘लॉ ऑफ द लैंड’ के तहत कहीं भी कार्रवाई का अधिकार

इसके जवाब में पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि ‘लॉ ऑफ द लैंड’ के तहत देश की सीमाओं के भीतर कानून लागू करने का उन्हें पूरा अधिकार है। पुलिस के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधान उन्हें संदिग्धों या आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की पूरी शक्ति देते हैं। पुलिस का कहना है कि जिस तरह ट्रेन या सार्वजनिक परिवहन में जाकर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा सकता है, उसी तरह विमान भी यातायात का एक साधन है और इस पर कोई विशेष कानूनी रोक नहीं है।

क्या कहते हैं एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स 2023

विमानन सुरक्षा से जुड़े कायदे-कानूनों की बात करें तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स 2023 का नियम 22 साफ करता है कि एयरोड्रोम परिसर में प्रवेश के लिए वैध विजिटर पास या फिर नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो के महानिदेशक या केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक होती है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों के पास आवश्यक विशेष एंट्री पास मौजूद थे। वहीं, जब तक विमान के दरवाजे बंद रहते हैं, तब तक एयरक्राफ्ट का सर्वोच्च नियंत्रण कमांडिंग पायलट के पास होता है, लेकिन दरवाजे खुलते ही कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षा एजेंसियां प्रक्रिया का पालन करते हुए अंदर दाखिल हो सकती हैं।

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महिला पुलिसकर्मियों द्वारा हिरासत में लेने पर क्या है कानून

कार्रवाई के दौरान पुरुष नेता को महिला पुलिसकर्मियों द्वारा हिरासत में लिए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। इस पर कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि प्रक्रियात्मक कानून में पुरुष और महिला पुलिस अधिकारियों के गिरफ्तारी अधिकारों में ऐसा कोई सामान्य बंटवारा नहीं है। दहेज हत्या जैसे कुछ विशिष्ट मामलों को छोड़कर, कानून के दायरे में पुरुष या महिला पुलिस अधिकारी किसी भी अभियुक्त को हिरासत में लेने के लिए पूरी तरह अधिकृत हैं।

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