अयोध्या में क्या रहेगा आकर्षण का केंद्र? 30 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी, 2100 ड्रोन आसमान में दिखाएंगे रामायण की झलक
दीपोत्सव में दिखेगा आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम; सरयू तट पर महाआरती, रामायण की झांकियां, लेजर शो और विदेशी कलाकारों की रामलीला रहेंगी खास आकर्षण
सत्यम यादव, संवाददाता
EELA INDIA NEWS
अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक दीपोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। दीपोत्सव के दसवें संस्करण को लेकर पूरी रामनगरी को भव्य तरीके से सजाया गया है। 7 नवंबर को आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में लाखों दीयों की रोशनी से सरयू के घाट जगमगाएंगे। इस बार दीपोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार अयोध्या दीपोत्सव में क्या-क्या खास होने वाला है? आइए जानते हैं रामनगरी के प्रमुख आकर्षणों के बारे में।
1. सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीयों की रोशनी
दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण सरयू नदी के तट पर होने वाला दीप प्रज्ज्वलन रहेगा। इस बार 56 घाटों और अन्य प्रमुख स्थलों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है। हजारों स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से राम की पैड़ी सहित सरयू के घाट रोशनी से जगमगाएंगे। दीपों की कतारों से सजी रामनगरी का नजारा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बनने वाला है।
2. 2100 ड्रोन से आसमान में जीवंत होगी रामायण
इस बार का एक बड़ा आकर्षण 2100 स्वदेशी ड्रोन का एरियल शो होगा। इसमें आसमान में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार जैसे प्रसंगों की आकृतियां दिखाई जाएंगी।
रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को आसमान में जीवंत करने की तैयारी है।
3. सरयू तट पर 2147 लोगों की महाआरती
दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के तट पर भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में 2147 प्रतिभागियों की सहभागिता प्रस्तावित है। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और दीपों की रोशनी के बीच होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगी।
4. लेजर शो और 3D प्रोजेक्शन से दिखेगी राम की वापसी
राम की पैड़ी पर भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। आठ मिनट का लेजर शो और लगभग 20 मिनट का प्रोजेक्शन मैपिंग कार्यक्रम दर्शकों को आकर्षित करेगा। इसमें रोशनी, संगीत, एनीमेशन और डिजिटल विजुअल्स के जरिए रामायण के प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।
5. पांच देशों की रामलीला, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का जमावड़ा
इस बार दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण रहेंगे। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकार अपनी-अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार रामलीला और रामायण आधारित प्रस्तुतियां देंगे। भारतीय संस्कृति और रामायण की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता की झलक इन कार्यक्रमों में देखने को मिलेगी।
6. 22 झांकियों में दिखेगी रामायण की गाथा
दीपोत्सव के दौरान निकलने वाली भव्य शोभायात्रा में 22 झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इन झांकियों में रामायण के सातों कांडों के प्रमुख प्रसंगों को दर्शाया जाएगा। राम रथ, राम दरबार और पुष्पक विमान जैसी झांकियां श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की याद दिलाएंगी।
7. रामकथा पार्क में होगा विशेष सांस्कृतिक आयोजन
रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का आगमन, भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें अयोध्या की ऐतिहासिक यात्रा और राम मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
8. रामायण पर आधारित 3D और डिजिटल अनुभव
इस बार पर्यटकों को तकनीक के जरिए रामायण देखने का नया अनुभव भी मिलेगा। राम की पैड़ी पर निर्धारित स्थानों को मोबाइल ऐप से स्कैन करने पर पांच रामायण प्रसंग 3D और ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक के माध्यम से दिखाई देंगे। इससे युवा पीढ़ी को रामायण की कथा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
दीपोत्सव से बढ़ेगा अयोध्या का पर्यटन और स्थानीय रोजगार
दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अयोध्या के पर्यटन, स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दीये बनाने वाले कुम्हारों, छोटे व्यापारियों, होटल कारोबारियों और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी इस आयोजन से आर्थिक लाभ मिल रहा है।
अयोध्या का दसवां दीपोत्सव इस बार कई मायनों में खास है। एक तरफ सरयू के घाटों पर लाखों दीपों की रोशनी होगी, तो दूसरी तरफ 2100 ड्रोन, लेजर शो और अंतरराष्ट्रीय रामलीला के जरिए रामायण की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। आस्था, परंपरा और तकनीक का यह संगम दीपोत्सव को देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा है।

