Diwali : मिठाइयों की मिठास में कहीं मिलावट का जहर तो नहीं? घर पर ही ऐसे करें असली और नकली की पहचान, FSSAI ने बताए जांच के तरीके
EELA INDIA NEWS
नई दिल्ली। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ने लगती है। घरों में मेहमानों का स्वागत हो या रिश्तेदारों और दोस्तों को उपहार देना, मिठाइयों के बिना दीपावली का उत्सव अधूरा माना जाता है। लेकिन त्योहार की इसी मिठास के बीच मिलावट का खतरा भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। मांग बढ़ने के साथ खोया, मावा, पनीर, घी और दूध से बनी मिठाइयों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगते हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि बाजार से खरीदी गई मिठाई असली है या उसमें मिलावट की गई है? क्या आम लोग घर पर ही मिठाइयों की शुद्धता की जांच कर सकते हैं?
इसका जवाब है- कुछ सामान्य मिलावट की पहचान के लिए घर पर शुरुआती जांच संभव है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए DART (Detect Adulteration with Rapid Test) जैसी पहल की है।
मिठाइयों में किन चीजों की हो सकती है मिलावट?
त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा चिंता दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर रहती है। इनमें संभावित रूप से निम्नलिखित मिलावट की आशंका हो सकती है:
मावा और खोया: स्टार्च या अन्य बाहरी पदार्थों की मिलावट।
- घी और मक्खन: वनस्पति या दूसरे वसा पदार्थों की मिलावट।
- पनीर और छेना: स्टार्च जैसे पदार्थों की मिलावट।
- रंगीन मिठाइयां: निर्धारित मानकों से अधिक या गैर-अनुमत रंगों का इस्तेमाल।
- दूध से बनी मिठाइयां: खराब गुणवत्ता वाले या मिलावटी दूध का इस्तेमाल।
घर पर कैसे करें मिठाइयों में मिलावट की जांच? जानिए 5 आसान तरीके
1. खोया और पनीर में स्टार्च की जांच
- खोया, छेना और पनीर में स्टार्च की मौजूदगी की शुरुआती जांच आयोडीन से की जा सकती है।
- जांच का तरीका:
- थोड़ी मात्रा में खोया या पनीर लें।
- इसे पानी में उबालें और ठंडा होने दें।
- अब इसमें आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें।
- यदि नमूने का रंग नीला या नीला-काला हो जाता है तो स्टार्च की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है।
2. दूध में पानी की मिलावट कैसे पहचानें?
दूध में पानी की मिलावट की शुरुआती जांच के लिए एक आसान तरीका अपनाया जा सकता है।
जांच का तरीका:
- किसी साफ और चिकनी ढलान वाली सतह पर दूध की एक बूंद डालें।
- शुद्ध दूध सामान्यतः धीरे-धीरे बहेगा और पीछे सफेद निशान छोड़ेगा।
- पानी मिला दूध अपेक्षाकृत तेजी से बह सकता है और सफेद निशान कम छोड़ता है।
3. दूध में डिटर्जेंट की जांच
FSSAI के DART टेस्ट में दूध में डिटर्जेंट की संभावित मौजूदगी की शुरुआती जांच का तरीका भी बताया गया है।
जांच का तरीका:
- 5 से 10 मिलीलीटर दूध लें।
- इसमें बराबर मात्रा में पानी मिलाएं।
- मिश्रण को अच्छी तरह हिलाएं।
- यदि असामान्य रूप से अधिक और देर तक टिकने वाला झाग बनता है तो मिलावट की आशंका हो सकती है।
4. मिठाइयों के रंग और बनावट पर दें ध्यान
मिठाई खरीदते समय केवल उसकी सुंदरता देखकर प्रभावित न हों। बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रूप से तेज रंग वाली मिठाइयों को लेकर सतर्क रहें। मिठाई की गंध, बनावट और ताजगी पर भी ध्यान दें।
5. चांदी के वर्क की गुणवत्ता पर रखें नजर
मिठाइयों पर लगे चांदी के वर्क की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। केवल देखकर असली और नकली वर्क की पुष्टि करना संभव नहीं है। इसलिए भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त दुकानदार से ही मिठाइयां खरीदें।
FSSAI की DART पहल क्या है?
खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए FSSAI ने DART यानी Detect Adulteration with Rapid Test पहल शुरू की है। इसके तहत आम उपभोक्ताओं के लिए कई खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट की पहचान करने के सरल परीक्षण बताए गए हैं। इन परीक्षणों में दूध, दूध से बने उत्पाद, तेल, मसाले, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर इन जांचों से संबंधित जानकारी और प्रदर्शन वीडियो भी उपलब्ध हैं।
आधिकारिक जानकारी के लिए यहां देखें: https://www.eatrightindia.gov.in/dart/
मिठाई खरीदते समय इन 7 बातों का रखें ध्यान
- हमेशा प्रतिष्ठित और भरोसेमंद दुकान से मिठाई खरीदें।
- दुकान पर FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण की जानकारी देखें।
- खुली मिठाइयों की साफ-सफाई और रखरखाव पर ध्यान दें।
- असामान्य रंग, गंध या स्वाद वाली मिठाई न खरीदें।
- पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि जरूर जांचें।
- दूध और मावा से बनी मिठाइयों को उचित तापमान पर रखें।
- जरूरत से ज्यादा मिठाई खरीदने से बचें और खराब होने वाली मिठाइयों को जल्द इस्तेमाल करें।
मिलावट का संदेह हो तो कहां करें शिकायत?
यदि किसी मिठाई या खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह है तो उसे खाने से बचें। संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी से संपर्क करें या FSSAI के Food Safety Connect पोर्टल और ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। FSSAI की हेल्पलाइन 1800-11-2100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
घर पर जांच से पूरी तरह सुरक्षित होने की गारंटी नहीं
ध्यान देने वाली बात यह है कि घरेलू परीक्षण केवल कुछ खास मिलावटों की शुरुआती पहचान में मदद करते हैं। इनसे मिठाई के पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित होने की गारंटी नहीं मिलती। कई तरह के रासायनिक और सूक्ष्मजीव संबंधी खतरों की पहचान के लिए अधिकृत प्रयोगशाला में जांच जरूरी होती है।
इस दीपावली मिठाइयों की खरीदारी में सावधानी बरतें, गुणवत्ता से समझौता न करें और त्योहार की खुशियों को मिलावट से बचाएं। क्योंकि दीपावली की असली मिठास परिवार की सेहत और सुरक्षा में ही है।

