शादी पर सरकार दे रही है पूरे 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद, जानें किसे और कैसे मिलता है इस योजना का फायदा
देश में सरकार द्वारा नागरिकों के कल्याण के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं, जिनमें से कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। क्या आपको पता है कि सरकार शादी करने पर सीधे 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दे रही है?
जी हां, यह कोई अफवाह नहीं बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों की एक आधिकारिक योजना है। हालांकि, यह पैसा हर किसी को नहीं मिलता है, बल्कि इसके लिए कुछ खास शर्तें पूरी करनी होती हैं। जैसे शादी का प्रकार, जरूरी कानूनी दस्तावेज और शादी के एक साल के भीतर आवेदन करने की प्रक्रिया। अगर आप या आपके जान पहचान में कोई शादी का प्लान बना रहा है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की साबित हो सकती है।
क्या है डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकीकरण और इंटरकास्ट मैरिज योजना?
हमारे समाज में आज भी जातिगत भेदभाव की दीवारें मौजूद हैं। इसी दीवार को तोड़ने और समाज में सामाजिक समरसता यानी भाईचारा बढ़ाने के लिए सरकार ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना यानी इंटरकास्ट मैरिज स्कीम की शुरुआत की है। केंद्र सरकार की तरफ से इसे ‘डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकीकरण योजना’ नाम दिया गया है, जिसके तहत ढाई लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सहायता राशि मिलती है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में भी अपनी-अपनी राज्य स्तरीय योजनाएं चलाई जा रही हैं, जहां 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
योजना का लाभ लेने के लिए पूरी करनी होंगी ये 4 अहम शर्तें
इस योजना का फायदा उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद जरूरी शर्तें तय की हैं। पहली शर्त यह है कि शादी करने वाले जोड़े में से एक साथी का अनुसूचित जाति से होना अनिवार्य है, जबकि दूसरा साथी गैर-एससी यानी जनरल कैटेगरी से होना चाहिए।
दूसरी शर्त यह है कि यह दोनों ही पार्टनर की पहली शादी होनी चाहिए, यदि किसी की भी यह दूसरी शादी है तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। तीसरी शर्त यह है कि शादी कानूनी रूप से दर्ज होनी चाहिए, यानी हिंदू विवाह अधिनियम 1955 या विशेष विवाह अधिनियम के तहत मैरिज सर्टिफिकेट होना बेहद जरूरी है। चौथी और सबसे अहम शर्त टाइम लिमिट की है, जिसके तहत शादी होने के एक साल के भीतर ही आपको आवेदन करना होगा, क्योंकि एक साल बीत जाने के बाद एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी जाती है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स हैं जरूरी?
इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए आपके पास कुछ मुख्य दस्तावेज होने चाहिए। सबसे जरूरी कानूनी रूप से रजिस्टर्ड शादी का प्रमाण पत्र (मैरिज सर्टिफिकेट) है। इसके साथ ही पति और पत्नी दोनों का जाति प्रमाण पत्र, उम्र का प्रमाण पत्र जैसे 10वीं की मार्कशीट या बर्थ सर्टिफिकेट, बैंक खाता और कैंसिल चेक, मूल निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, शादी की दो फोटो और एक शपथ पत्र होना जरूरी है। इस शपथ पत्र में यह साफ लिखा होना चाहिए कि दोनों की यह पहली शादी है और वे दोनों साथ रह रहे हैं।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन करने का क्या है पूरा प्रोसेस?
इस योजना के लिए आवेदन करने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला तरीका यह है कि आप केंद्र सरकार के डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं, वहां से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करके अपने जिले के जिला अधिकारी या जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास जमा कर सकते हैं। दूसरा तरीका राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट का है, क्योंकि हर राज्य का अपना समाज कल्याण विभाग पोर्टल होता है, जैसे राजस्थान में एसजेई पोर्टल और हरियाणा में सरल या एिशा पोर्टल है, जिसके जरिए आप आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

