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अखिलेश यादव बने ‘कृष्ण’, सपा कार्यकर्ता बना ‘सुदामा’- रायबरेली का ये पोस्टर देखा क्या

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक दिवसीय रायबरेली दौरे से पहले जिले का सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। अखिलेश यादव के आगमन से ठीक पहले शहर के प्रमुख चौराहों और रास्तों पर सपा कार्यकर्ताओं द्वारा लगाई गई तरह-तरह की होर्डिंग्स आम जनता और सियासी हलकों में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई हैं।

विशेष रूप से जीआईसी ग्राउंड के पास लगी एक विशाल होर्डिंग ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जिसमें सपा कार्यकर्ता पंडित विश्वास दुबे ने खुद को सुदामा के रूप में और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भगवान श्री कृष्ण के रूप में दर्शाया है।

द्वापर युग जैसी मित्रता का हवाला और ब्राह्मण कार्ड

इस अनोखे पोस्टर को लेकर जब पंडित विश्वास दुबे से सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि अखिलेश यादव उनके राजनीतिक गुरु हैं। उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिस तरह द्वापर युग से भगवान कृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता की मिसाल दी जाती रही है, वही आत्मीयता आज समाजवादी पार्टी में देखने को मिलती है। दुबे ने दावा किया कि 2012 और 2022 के चुनावों में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाला ब्राह्मण वर्ग अब खुद को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की हर गली में आज पीड़ित ब्राह्मण मिल रहे हैं और इसीलिए सपा के पीडीए (PDA) फॉर्मूले में ‘पी’ का एक अर्थ ‘पीड़ित ब्राह्मण’ भी है, जिन्हें केवल अखिलेश यादव ही न्याय और सम्मान दिला सकते हैं।

पवन पांडे के टिकट और जनेश्वर मिश्र की विरासत का जिक्र

सपा कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि अखिलेश यादव पर ब्राह्मण विरोधी होने का झूठा आरोप लगाया जाता है, जबकि हकीकत यह है कि उन्होंने सबसे पहला टिकट अयोध्या से पवन पांडे को देकर गुरु दक्षिणा दी थी। मौके पर मौजूद अन्य युवा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के वैचारिक आधार को याद करते हुए कहा कि संस्थापक मुलायम सिंह यादव के गुरु स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र (छोटे लोहिया) थे, जिनके सम्मान में एशिया का सबसे बड़ा जनेश्वर मिश्र पार्क लखनऊ में बनवाया गया था। युवाओं का कहना है कि अखिलेश यादव उसी मार्ग पर चलते हुए समाज के हर तबके, खासकर ब्राह्मण समाज के मान-सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा आगे रहते हैं।

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राहुल लोधी के आवास पर चाय और 2027 की सियासी जमीन

अखिलेश यादव का यह दौरा केवल औपचारिक भेंट तक सीमित नहीं है। वे रायबरेली पहुंचकर जीआईसी ग्राउंड के निकट हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाएंगे और कार्यकर्ताओं संग चाय पर सियासी मंथन करेंगे। हालांकि सपा प्रमुख के कदम रखने से पहले ही जिस तरह कृष्ण-सुदामा की इस होर्डिंग के जरिए 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर ’27 के सत्ताधीश’ के नारे गढ़े जा रहे हैं, उसने साफ कर दिया है कि समाजवादी पार्टी रायबरेली की धरती से अगड़े और पिछड़े वर्ग को एक साथ साधने के बड़े मिशन पर निकल चुकी है।

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