GenZ के लिए योगी का मास्टरस्ट्रोक: युवाओं की चांदी, सपने होंगे साकार
आज की ‘जेन-जी’ (Gen-Z) जनरेशन सिर्फ सरकारी या प्राइवेट नौकरी की 9-से-5 वाली शिफ्ट में अपना भविष्य नहीं तलाशना चाहती। उनका विजन अपना स्टार्टअप शुरू करने, ऑनलाइन कारोबार करने और तकनीक के दम पर खुद का बॉस बनने का है। युवाओं की इसी नब्ज को समझते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बेहद आधुनिक और महत्वकांक्षी प्लान तैयार किया है।
राज्य सरकार का अब सीधा लक्ष्य है कि यूपी के युवा कॉलेज से निकलते ही नौकरी की लाइन में लगने के बजाय, खुद का बिजनेस शुरू करें और दूसरों को रोजगार दें। इस बड़े विजन को जमीन पर उतारने के लिए ‘यूथ अड्डा’ (Youth Adda) और ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की शुरुआत की जा रही है।
क्या है ‘यूथ अड्डा’ और यह कैसे करेगा काम?
अगर आपके मन में कोई शानदार बिजनेस आईडिया है, लेकिन आपको यह नहीं पता कि शुरुआत कैसे करें, पैसा कहां से आएगा या कंपनी कैसे बनेगी? तो ‘यूथ अड्डा’ आपके इन सभी सवालों का वन-स्टॉप सॉल्यूशन होगा। आसान भाषा में कहें तो यह एक ऐसा इनक्यूबेशन और हेल्प सेंटर होगा जहां एक्सपर्ट्स युवाओं की उंगली पकड़कर उन्हें सफल कारोबारी बनाएंगे। यहां आईडिया को हकीकत में बदलने, बिजनेस का ब्लूप्रिंट तैयार करने, बैंक से लोन पास कराने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और प्रोडक्ट को बाजार तक पहुंचाने की पूरी हैंडहोल्डिंग की जाएगी।
कॉलेज कैम्पस से सीधे स्टार्टअप की तैयारी
सरकार का सबसे ज्यादा फोकस विश्वविद्यालयों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई (ITI) में पढ़ने वाले छात्रों पर है। सरकार चाहती है कि डिग्री पूरी होते ही छात्र सीधे अपना काम शुरू करने के लिए तैयार रहें। इसके लिए पारंपरिक व्यवसायों के अलावा भविष्य की डिमांड को देखते हुए युवाओं को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और डिजिटल मार्केटिंग जैसे ट्रेंडिंग सेक्टर शामिल हैं। इससे यूपी के युवा ग्लोबल मार्केट में सीधा मुकाबला कर सकेंगे।
100 से ज्यादा रेडीमेड बिजनेस मॉडल और लोन की गारंटी
अक्सर पहली बार बिजनेस करने वालों को नुकसान का डर सताता है। इस रिस्क को कम करने के लिए सरकार 100 से ज्यादा पहले से टेस्ट किए गए ‘रेडीमेड बिजनेस मॉडल’ युवाओं को उपलब्ध कराएगी। शुरुआत से लेकर अंत तक युवाओं को जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन, कागजी कार्यवाही, ऑनलाइन ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने तक की ट्रेनिंग दी जाएगी।
यूपी के सभी 75 जिलों तक पहुंचेगा मिशन (लोकल टू ग्लोबल)
योगी सरकार का यह स्टार्टअप मिशन सिर्फ लखनऊ या नोएडा जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाया जाएगा। इस योजना में गांव के युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को भी खास प्राथमिकता दी जा रही है ताकि ग्रामीण स्तर पर छोटे कारोबारियों को एक नई पहचान मिल सके। पूरे साल जिलों में बिजनेस कैंप लगाए जाएंगे जहां युवा सीधे बैंक अधिकारियों और सफल उद्योगपतियों से मिलकर अपनी शंकाएं दूर कर सकेंगे।
साल 2027 के लिए सरकार का मेगा टारगेट
उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCON) के कंधों पर इस पूरी योजना को लागू करने की जिम्मेदारी है। सरकार ने 2027 तक के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं:
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5 लाख युवाओं को इस रोजगार अभियान से सीधे जोड़ना।
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1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैंक लोन युवाओं के बिजनेस के लिए उपलब्ध कराना।
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10,000 से ज्यादा नए आधुनिक स्टार्टअप/कारोबार शुरू कराना।
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25,000 से अधिक ग्रामीण और छोटे उद्योगों को मजबूत करके उन्हें बाजार से जोड़ना।
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उत्तर प्रदेश में यह योजना युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए एक बड़े लॉन्चपैड की तरह काम करने वाली है। अब देखना यह है कि यूपी का युवा इस बेहतरीन मौके का फायदा उठाकर राज्य की अर्थव्यवस्था (Trillion Dollar Economy) में कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।

