PF कटवाने वालों की निकल पड़ी! सरकार बिना कोई फॉर्म भरे दे रही है 7 लाख का फायदा
EDLI Scheme: देश में लाखों कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी हर महीने की सैलरी से पीएफ की कटौती होती है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाली बचत मानते हैं। लेकिन बहुत कम कर्मचारियों को यह पता होता है कि पीएफ अकाउंट उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच भी बन सकता है।
दरअसल कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ अपने सदस्यों को एक अतिरिक्त सुविधा देता है। इस सुविधा के तहत पीएफ खाते के साथ एक लाइफ इंश्योरेंस कवर अपने आप जुड़ जाता है। खास बात यह है कि इसके लिए कर्मचारी को कोई अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती और ना ही कोई प्रीमियम देना पड़ता है।
ईडीएलआई स्कीम के तहत मिलता है फायदा
यह बीमा कवर ईपीएफओ की एम्प्लॉयीज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम यानी ईडीएलआई के माध्यम से दिया जाता है। ईपीएफ और ईपीएस के अलावा इसे तीसरे बड़े लाभ के रूप में देखा जाता है।
जैसे ही किसी कर्मचारी का पीएफ खाता सक्रिय होता है, वह अपने आप इस इंश्योरेंस योजना के दायरे में आ जाता है। यह सुविधा खासतौर पर नौकरी करने वाले लोगों के परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
कर्मचारी को नहीं देना पड़ता कोई पैसा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पूरा खर्च कंपनी उठाती है। कर्मचारी की सैलरी से इसके लिए कोई अतिरिक्त कटौती नहीं होती।
कंपनी हर महीने कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का लगभग 0.5 प्रतिशत हिस्सा ईडीएलआई फंड में जमा करती है। इसी के आधार पर इंश्योरेंस कवर तैयार होता है।
किन परिस्थितियों में मिलता है क्लेम
ईडीएलआई योजना का लाभ तब मिलता है जब कर्मचारी की मृत्यु नौकरी के दौरान हो जाती है। घटना कार्यस्थल पर हो या घर पर। छुट्टी के समय भी अगर ऐसी स्थिति बनती है तब भी यह बीमा कवर लागू रहता है।
ऐसे मामलों में कर्मचारी के नामित व्यक्ति या परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जिससे कठिन समय में वित्तीय मदद मिल सके।
कितना मिलता है इंश्योरेंस कवर
इस योजना के तहत न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये तय की गई है जबकि अधिकतम कवर 7 लाख रुपये तक हो सकता है।
कवर की अंतिम राशि तय करते समय पिछले 12 महीनों की सैलरी और पीएफ में जमा राशि को आधार माना जाता है। अगर कर्मचारी की आय स्थिर है और नियमित जमा हो रहा है तो मिलने वाला कवर भी अपेक्षाकृत बेहतर हो सकता है।
कुल मिलाकर यह योजना नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अहम सुरक्षा व्यवस्था है। कई कर्मचारियों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती। जबकि अनहोनी की स्थिति में यही सुविधा परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन सकती है।
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सरकारी योजनाओं का फायदा तभी मिल पाता है जब लोगों को उनके बारे में पूरी जानकारी हो। पीएफ से जुड़ी ईडीएलआई योजना भी ऐसी ही सुविधा है जिसके बारे में अभी भी काफी कर्मचारी अनजान हैं।
अगर कर्मचारी अपने अधिकारों और सुविधाओं के बारे में जागरूक हों तो वे न सिर्फ अपनी वित्तीय योजना बेहतर बना सकते हैं बल्कि अपने परिवार को भी भविष्य के लिए सुरक्षित कर सकते हैं।

