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पांच राज्यों के नतीजों ने बदल दी राजनीति की दिशा, जानिए किसका और कैसे हुआ गेम ओवर

Political News 2026: पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी…। इन पांचों राज्यों में नई सरकार की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। विधानसभा चुनावों के परिणाम सामने आने के बाद जीत का जश्न और हार पर सियासी रार शुरू हो चुकी है। कहीं जीत की खुशी में बम-पटाखे फूट रहे हैं, मिठाई का वितरण हो रहा है, अबीर-गुलाल से होली खेली जा रही है तो कहीं हार के गम में चेहरे से मुस्कान गायब है, आंखें डबडबा रही हैं।

बंगाल में क्यों टूटा TMC का किला

विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा को सत्ता की चाबी मिली है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पंद्रह साल पुराने शासन का अंत हो गया है। टीएमसी ने डेढ़ दशक पहले वामपंथ के गढ़ को ध्वस्त कर अपना वर्चस्व कायम किया था। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी निरंतर तीन बार मुख्यमंत्री बनने में सफल रही थीं। भाजपा के लिए इस राज्य में विजय पताका लहराना किसी करिश्मे से कम नहीं है। बंगाल में पहली बार हिंदुत्व की आंधी देखने को मिली है। हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने में भाजपा कामयाब रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में धुंआधार प्रचार किया था। प्रचार के दौरान बार-बार हिंदू, हिंदुत्व और सनातन की बात की गई। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सीएम पद के दावेदार सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव परिणाम आने के बाद भी हिंदुत्व और सनातन का खुलकर जिक्र किया। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के चेहरे पर हार का तनाव स्पष्ट नजर आ रहा है। भाजपा की अप्रत्याशित जीत से उत्साहित कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर जय श्रीराम के नारे लगा रहे हैं।

सीएम बनर्जी के आवास के बाहर भी भाजपाइयों ने जय श्रीराम के उद्घोष लगाए हैं। भाजपा के आने से इस राज्य में क्या बदलाव आएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। इसके इतर असम में भाजपा गठबंधन सत्ता को बचाने में कामयाब रहा है। वहां तीसरी बार पार्टी ने जबरदस्त तरीके से वापसी की है। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा काफी उत्साहित हैं।

केरल में कांग्रेस की वापसी

पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा ने अवैध घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में भी भाजपा गठबंधन का प्रदर्शन बेहतर रहा है। पश्चिम बंगाल की भांति तमिलनाडु में भी मतदाताओं का मूड बदला है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके गेम चेंजर बनकर उभरी है। उसने सत्ताधारी डीएमके गठबंधन को पीछे छोड़ दिया है। केरल में जरूर कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने सफलता अर्जित की है।

अभिनेता विजय तमिलनाडु के ‘धुरंधर’ बनकर उभरे हैं। उधर, पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद बांग्लादेश के सांसद अख्तर हुसैन का बयान चर्चाओं में है। एनसीपी सांसद हुसैन ने कहा था कि यदि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आती है तो देश में लाखों अवैध प्रवासी देश में धकेल दिए जा सकते हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत से अवैध बांग्लादेशियों को ढाका वापस भेजने का सिलसिला शुरू हो सकता है।

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इसी प्रकार बंगाल के एक मौलाना ने बयान दिया था कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने पर यहां के मुस्लिमों का हाल बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे हो जाएगा। पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विजयी दल जहां चहक रहे हैं, वहीं पराजित दल चुनाव में धांधली होने का आरोप लगा रहे हैं। टीएमसी ने एक बार फिर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा है।

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