खो गया है आधार कार्ड या भूल गए हैं नंबर; घबराएं नहीं, घर बैठे 2 मिनट में ऐसे करें रिकवर
आज के डिजिटल दौर में अगर कोई एक ऐसा दस्तावेज है जिसके बिना बैंक खाता खुलवाने से लेकर राशन, पैन कार्ड, मोबाइल सिम, पासपोर्ट और तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने जैसे महत्वपूर्ण काम अटक सकते हैं, तो वह है आधार कार्ड। यह हर भारतीय नागरिक की पहचान का सबसे जरूरी जरिया बन चुका है। लेकिन जरा सोचिए, अगर अचानक आपका आधार कार्ड कहीं गुम हो जाए या आप अपना विशिष्ट आधार नंबर भूल जाएं, तो क्या होगा? अमूमन ऐसी स्थिति में लोग घबरा जाते हैं और सोचने लगते हैं कि अब दोबारा नया कार्ड बनवाना पड़ेगा। हालांकि, अब आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने कई ऐसे बेहद आसान डिजिटल और ऑफलाइन तरीके दिए हैं, जिनकी मदद से आप चंद मिनटों में अपनी पहचान वापस पा सकते हैं।
UIDAI की वेबसाइट से मिनटों में निकालें अपना नंबर
अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल करना जानते हैं, तो यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट आपके लिए सबसे तेज और आसान जरिया है। अपना नंबर दोबारा हासिल करने के लिए आपको सबसे पहले uidai.gov.in पर विजिट करना होगा। वहां होमपेज पर मौजूद ‘माय आधार’ (My Aadhaar) सेक्शन के भीतर आपको ‘रिट्रीव आधार’ (Retrieve Aadhaar) का एक विकल्प दिखाई देगा, जिस पर आपको क्लिक करना है। इसके बाद खुले नए पेज पर अपना पूरा नाम, आधार से लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें। अब ‘सेंड ओटीपी’ पर क्लिक करते ही आपके रजिस्टर्ड नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड आएगा। उस ओटीपी को दर्ज करते ही आपकी स्क्रीन पर आपके नंबर की जानकारी आ जाएगी, जिसके बाद आप अपना ई-आधार (e-Aadhaar) भी आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। यह पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया देश के सभी नागरिकों के लिए एकदम मुफ्त है।
ईमेल और टोल-फ्री हेल्पलाइन 1947 भी करेगी पूरी मदद
जो लोग वेबसाइट का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहते, उनके लिए ईमेल और फोन कॉल का विकल्प भी मौजूद है। आप अपनी समस्या लिखकर UIDAI की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक मेल भेज सकते हैं, जिसके बाद अगले 24 घंटे के भीतर आपको विभाग की तरफ से समाधान मिल जाता है। इसके अलावा, यूआईडीएआई का राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1947 भी इस काम में बेहद उपयोगी साबित होता है। इस नंबर पर कॉल करके आप आईवीआर (Interactive Voice Response) के आसान वॉइस कमांड को फॉलो कर सकते हैं और कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से बात करके भी जरूरी मदद पा सकते हैं। यह टोल-फ्री सुविधा विशेष रूप से देश के बुजुर्गों और उन लोगों के लिए एक वरदान है जो तकनीकी रूप से ज्यादा सहज नहीं हैं।
मोबाइल नंबर और ईमेल दोनों बंद होने पर क्या करें?
अब एक सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल यह उठता है कि यदि किसी व्यक्ति का आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दोनों ही स्थाई रूप से बंद हो चुके हों, तो वह क्या करे? ऐसी स्थिति में भी चिंता की कोई बात नहीं है। इसके लिए आपको बस अपने नजदीकी अधिकृत आधार नामांकन केंद्र (Aadhaar Enrolment Centre) पर जाना होगा। वहां मौजूद ऑपरेटर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए, यानी आपके फिंगरप्रिंट और आंखों के आईरिस स्कैन की मदद से आपके खोए हुए डेटा को तुरंत लोकेट कर देगा और आपका नंबर दोबारा निकाल दिया जाएगा।
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सुरक्षा के इन जरूरी नियमों का हमेशा रखें ध्यान
साइबर एक्सपर्ट्स और डिजिटल जानकारों की हमेशा यह सलाह रहती है कि हर नागरिक को अपने कार्ड में अपना चालू मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस हमेशा अपडेट रखना चाहिए, क्योंकि भविष्य में मिलने वाली ज्यादातर ऑनलाइन सेवाएं और ओटीपी वेरिफिकेशन इसी के भरोसे काम करते हैं। साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से अपने कार्ड की एक डिजिटल कॉपी हमेशा अपने फोन या किसी सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज में सेव करके रखनी चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि कभी भी किसी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत वेबसाइट के साथ अपना नंबर, ओटीपी या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। अपनी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए केवल सरकार द्वारा प्रमाणित माध्यमों का ही उपयोग करें।

