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रेवती थाना पुलिस हिरासत मौत मामले में मानवाधिकार आयोग में शिकायत

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में बीते 7 जुलाई 2026 को कथित पुलिस हिरासत में हुई कामजी गोंड की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रवीण कुमार सोनी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में थाना प्रभारी, सीओ बैरिया सहित संबंधित पुलिसकर्मियों की जांच व कार्रवाई तथा थाने के प्रवेश-निकास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई है।

क्या है पूरा मामला

बलिया जनपद के थाना क्षेत्र के गायघाट लाल टोला निवासी कामजी गोड़ (55) की वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके भाइयों ने आरोप लगाया है कि रेवती पुलिस की पिटाई से कामजी की तबीयत बिगड़ी। इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, पुलिस दमा के मरीज होने के कारण मौत का कारण बताया।

गायघाट लाल टोला निवासी श्यामजी तथा रामजी का आरोप है कि सात जुलाई को रेवती पुलिस भाई को पूछताछ के लिए ले गई थी। थाने में कामजी की निर्दयतापूर्वक पिटाई की गई। पैर, पीठ, चेहरे पर चोट के स्पष्ट निशान थे। पिटाई से हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मी उन्हें घर से कुछ दूरी पर स्थित ठगनी माई के मठिया पर छोड़कर चले गए।

वहां खेल रहे बच्चों ने कामजी के होने की सूचना दी। इसके बाद हम लोग उन्हें घर लेकर आए तथा दो दिन तक उनका उपचार निजी चिकित्सक से कराया। स्थिति में सुधार नहीं होने पर 10 जुलाई को सीएचसी लेकर पहुंचे जहां से चिकित्सक ने जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद वाराणसी को रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

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