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लोन रिकवरी एजेंट कर रहा है परेशान और गाली-गलौज, तो जेब से निकालें फोन और करें ये 3 काम

आज के समय में घर, गाड़ी, बिजनेस या निजी जरूरतों के लिए लोग बड़े पैमाने पर बैंक और वित्तीय संस्थानों से लोन लेते हैं। लेकिन कई बार आय में कमी या अचानक आर्थिक दबाव के कारण समय पर EMI चुकाना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बैंक वसूली की प्रक्रिया शुरू करते हैं और रिकवरी एजेंट ग्राहकों से संपर्क करते हैं।

हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ग्राहक को परेशान करना या डराना कानून के खिलाफ है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं ताकि उधारकर्ता की गरिमा और निजी जीवन सुरक्षित रहे।

रिकवरी एजेंट क्या नहीं कर सकते

आरबीआई के नियमों के अनुसार रिकवरी एजेंट को कई सीमाओं में रहकर काम करना होता है। वे किसी भी तरह की धमकी नहीं दे सकते। अपमानजनक भाषा का उपयोग नहीं कर सकते। सोशल मीडिया पर बदनाम करना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है।

इसके अलावा वे आपकी वित्तीय स्थिति या लोन की जानकारी परिवार, पड़ोसियों या सहकर्मियों के साथ साझा नहीं कर सकते। खुद को पुलिस या किसी सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करना भी नियमों का उल्लंघन है।

संपर्क करने का तय समय

रिकवरी एजेंट ग्राहकों से हर समय संपर्क नहीं कर सकते। नियमों के अनुसार वे केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही कॉल या संदेश भेज सकते हैं। देर रात कॉल करना या बार-बार फोन करके दबाव बनाना गलत माना जाता है।

एजेंट परेशान करें तो करें ये काम

अगर कोई रिकवरी एजेंट आपको परेशान कर रहा है तो सबसे पहले सभी सबूत सुरक्षित रखें। कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और ईमेल को संभालकर रखें। कॉल करने वाले का नाम, समय और तारीख नोट करें।

इसके साथ ही एजेंट से उसका पहचान पत्र और बैंक की ओर से दिया गया अधिकृत पत्र जरूर मांगें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना सत्यापन के अपनी जानकारी साझा न करें।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

अगर समस्या जारी रहती है तो ग्राहक कई स्तर पर शिकायत कर सकते हैं। पहले संबंधित बैंक या एनबीएफसी में शिकायत दर्ज करें और सभी सबूत जमा करें। इसके बाद लगभग 30 दिनों तक समाधान की प्रतीक्षा करें।

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यदि फिर भी समस्या हल नहीं होती है तो आरबीआई के लोकपाल यानी बैंकिंग ओम्बड्समैन से संपर्क किया जा सकता है और ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

जिम्मेदारी और अधिकार दोनों जरूरी

लोन चुकाना हर उधारकर्ता की जिम्मेदारी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी को मानसिक रूप से परेशान किया जाए। सम्मान और सुरक्षा के साथ व्यवहार हर ग्राहक का अधिकार है।

अगर कोई एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है तो चुप रहना समाधान नहीं है। अपने अधिकारों की जानकारी रखें और सही प्रक्रिया के तहत शिकायत जरूर करें।

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