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साधु का वेश… संसद में तमाशा और अब दिल्ली आवास पर जानलेवा हमला! बुरी तरह फंसे पप्पू यादव

बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गए हैं। हाल ही में संसद परिसर के भीतर साधु का वेश धारण कर किए गए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर वह देश भर के साधु-संतों के निशाने पर आ गए हैं।

इस बीच, नई दिल्ली स्थित उनके आवास के भीतर उन पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसके बाद से राष्ट्रीय राजधानी से लेकर बिहार तक की सियासी हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में लिया है और आगे की जांच की जा रही है।

संसद परिसर में नाटक और साधु-संतों का कड़ा विरोध

इस पूरे विवाद की शुरुआत संसद परिसर में हुए एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन से हुई, जिसमें पप्पू यादव कथित तौर पर साधु का वेश धारण किए हुए नजर आए थे। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े एक प्रकरण को लेकर लघु नाटक का मंचन किया था, जिसमें जमीन पर बैठकर चढ़ावा एकत्रित करने और फिर वहां से भागने का स्वांग रचा गया था। विरोध प्रदर्शन के इस अनोखे और विवादित तरीके के बाद राजनीति गरमा गई है।

देश भर के हिंदू साधु-संत पप्पू यादव से बेहद खफा हैं और वे उन्हें संसद से बर्खास्त करने के साथ-साथ कड़ी कानूनी सजा देने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। संतों का आरोप है कि सांसद ने अपने इस कृत्य से पूरे संत समाज का अपमान किया है।

दिल्ली आवास पर अचानक हुआ हंगामा और मारपीट

साधु-संतों के आक्रोश के बीच सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से आए दो युवक अचानक वहां पहुंच गए और तीखे सवाल-जवाब करने लगे। आरोप है कि बहस के दौरान नौबत हाथापाई तक पहुंच गई और युवकों ने सांसद के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जूते-चप्पल तक उछाल दिए।

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स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद सांसद के समर्थकों ने दोनों युवकों की जमकर पिटाई कर दी। इस भारी शोरगुल और धक्का-मुक्की के बीच एक युवक मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जबकि दूसरे युवक को धर दबोचकर तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया। सांसद पक्ष की ओर से इसे एक सुनियोजित और जानलेवा हमला बताया जा रहा है, जिसमें हमलावरों के पास चाकू होने का भी दावा किया गया है, हालांकि आरोपियों ने चाकू होने की बात से साफ इनकार किया है।

सियासी गलियारों में उबाल

संसद के भीतर धार्मिक प्रतीकों और वेशभूषा के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। आलोचकों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह के प्रदर्शनों से जनभावनाओं को ठेस पहुंचती है। संतों के तीखे तेवर और विरोध के बाद अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां सांसद के समर्थक इसे उनकी सुरक्षा में गंभीर चूक और जानलेवा हमला करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी खेमे का कहना है कि यह जनता और धार्मिक भावनाओं का अनादर करने का प्राकृतिक परिणाम है। बहरहाल, दिल्ली पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि आवास के भीतर सुरक्षा में हुई इस चूक और हमले की असल सच्चाई सामने आ सके।

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