नेपाल की पहली महिला सांसद और मंत्री, द्वारिका देवी ठकुरानी की प्रेरक कहानी
नेपाल की राजनीतिक इतिहास में द्वारिका देवी ठकुरानी का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। वे न केवल संसद पहुंचने वाली पहली नेपाली महिला थीं बल्कि पहली महिला कैबिनेट मंत्री बनने का गौरव भी उनके हिस्से आया। उनका राजनीतिक सफर नेपाल में महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।
द्वारिका देवी ठकुरानी के बारे में जानें
द्वारिका देवी ठकुरानी का जन्म 28 नवंबर 1915 को नेपाल के सुदूर-पश्चिमी हिस्से में स्थित डोटी जिले के सिलगढ़ी कस्बे में हुआ था। उनके पिता का नाम बाम देव पंता और माता का नाम राधा देवी पंता था। जीवन के कई वर्षों तक उन्होंने समाज और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। उनका निधन 10 दिसंबर 2002 को हुआ।
नेपाल के पहले लोकतांत्रिक चुनाव जो फरवरी 1959 में हुए में द्वारिका देवी ने दादेलधुरा जिले के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 66 से नेपाली कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। कुल 15 सदस्यों में वे एकमात्र महिला थीं जिन्हें प्रतिनिधि सभा में चुना गया। इस चुनाव में दूसरी महिला कमल राणा सीनेट की सदस्य बनीं जिससे नेपाली संसद में महिलाओं की उपस्थिति पहली बार दर्ज हुई।
चुनाव में सफलता मिलने के बाद बीपी कोइराला के नेतृत्व वाली कैबिनेट में 27 मई 1959 को उन्हें स्वास्थ्य और स्थानीय स्वशासन विभाग का उप मंत्री बनाया गया। इस पद के साथ वे नेपाल की पहली महिला मंत्री बनीं जिन्होंने सरकार में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा दी। उनका राजनीतिक योगदान और नेतृत्व नेपाल में महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।


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