बिहार से यूपी तक गरमाई सियासत: एक तरफ जुबान फिसली, तो दूसरी तरफ जमकर चले सियासी तीर
राजनीति में नेताओं की जुबान फिसलना या अमर्यादित बयानबाजी होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब ऐसा कुछ होता है तो सियासी गलियारों में भूचाल आना तय माना जाता है। इन दिनों बिहार और उत्तर प्रदेश की सियासत ऐसे ही बयानों और जुबानी जंग के चलते पूरी तरह गरमाई हुई है। एक तरफ बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के एक स्लिप ऑफ टंग पर घमासान मचा है, तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
तेजस्वी यादव से हुई बड़ी चूक, जीतन राम मांझी पर छिड़ा विवाद
पूरा मामला राजधानी पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कार्यालय का है, जहाँ ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। गया जिले के गहलौर गांव में अकेले अपने दम पर पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले दिवंगत दशरथ मांझी को याद करते हुए श्रद्धांजलि देने पहुँचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मुंह से गलती से केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का नाम निकल गया। बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर इस बयान का वीडियो वायरल होते ही बिहार की राजनीति में तूफ़ान खड़ा हो गया।
बीजेपी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का तीखा पलटवार
तेजस्वी यादव के इस बयान के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ा रुख अपनाया है। बीजेपी की बिहार इकाई ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि ‘फेलस्वी जी, आपसे ना हो पाएगा! दशरथ मांझी जी को श्रद्धांजलि देनी थी, शहजादे ने जीतन राम मांझी जी को ही श्रद्धांजलि दे दी!’ वहीं, खुद जीतन राम मांझी ने बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लगता है बाबू साहब का रात वाला नशा उतरा नहीं था, इसलिए वह जीते जी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कह दिया कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले वक्त में यह जनाब अपने माता-पिता को भी श्रद्धांजलि दे डालेंगे।
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यूपी की राजनीति में ओमप्रकाश राजभर का सपा पर बड़ा हमला
बिहार के इस सियासी ड्रामे के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर बड़ा जुबानी हमला बोला है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सरकार बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने वाले दावे पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि सत्ता का यह सपना इस जन्म में छोड़ देना चाहिए। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर गंभीर टिप्पणियां की हों, उसे ऐसी बड़ी जिम्मेदारी देने का सपना बहुजन समाज और पिछड़ों के साथ बड़ा धोखा होगा। बहरहाल, इन बयानों के चलते दोनों राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है और आम जनता के लिए यह किसी मनोरंजन से कम नहीं है।

