कोटेदार के यहां अब सिर्फ राशन नहीं, होगी खातिरदारी भी; योगी सरकार का ये नया फरमान उड़ा देगा होश
उत्तर प्रदेश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव करने का निर्णय लिया है।
अब कोटेदार की दुकान पर सिर्फ मुफ्त राशन ही नहीं मिलेगा, बल्कि कार्ड धारकों के लिए खास सुख-सुविधाओं और सम्मानजनक इंतजाम किए जाएंगे। इस योजना के तहत दुकान का माहौल पूरी तरह से बदलने वाला है, जिससे हर महीने राशन लेने आने वाले लाभार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
राशन की दुकानों पर बदलेंगी तस्वीरें, बैठेंगे कार्ड धारक
अक्सर देखने में आता था कि सरकारी राशन की दुकानों के बाहर लोगों को लंबी-लंबी लाइनों में घंटों खड़े रहना पड़ता था। धूप, गर्मी और भीड़ की वजह से बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को खत्म करने के लिए योगी सरकार ने दुकानों पर आने वाले लोगों के लिए बैठने की पुख्ता व्यवस्था करने का आदेश दिया है। अब हर राशन की दुकान पर लगभग 25 कुर्सियां लगाई जाएंगी ताकि लाभार्थियों को इंतजार के दौरान खड़े न रहना पड़े।
पीने के पानी के साथ मुंह मीठा कराने का इंतजाम
सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत सिर्फ बैठने की ही नहीं, बल्कि गर्मी से राहत के लिए साफ पीने के पानी की भी मुकम्मल सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, राशन लेने आने वाले हर एक नागरिक का स्वागत खास अंदाज में किया जाएगा और उन्हें गुड़ या पेठा खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया जाएगा। सरकार का यह कदम साफ दर्शाता है कि राशन वितरण को केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि नागरिकों के मान-सम्मान से जोड़ा जा रहा है।
सरकार उठाएगी सारा खर्च, 60 करोड़ रुपये का अनुमान
सबसे खास बात यह है कि इस नई व्यवस्था का आर्थिक बोझ कोटेदार की जेब पर नहीं पड़ेगा। खाद्य विभाग इसके लिए अलग से बजट और धनराशि उपलब्ध कराएगा। खाद्य मंत्री मनोज पांडे के अनुसार, कुर्सियों की खरीद से लेकर पानी, गुड़ और पेठा जैसी तमाम व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च राज्य सरकार खुद वहन करेगी। इस पूरी योजना पर हर साल लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है, जिससे व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
3 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा
आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इस समय 3 करोड़ 65 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक हैं, जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों और व्यवस्था में सुधार की मांग को देखते हुए उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक माना जा रहा है। जमीनी स्तर पर इस योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और करोड़ों परिवारों के चेहरों पर एक नई मुस्कान देखने को मिल रही है।

