सुपरफूड या मुसीबत; चिया सीड्स खाने का यह तरीका कर सकता है बीमार, एक्सपर्ट्स से जानें सही खुराक
सुबह के नाश्ते की प्लेट हो या शाम की रिफ्रेशिंग स्मूदी, आजकल हर कोई चिया सीड्स को अपनी डाइट में शामिल कर रहा है। कोई इसे तेजी से वजन घटाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है, कोई पेट की सेहत (गट हेल्थ) सुधारने के लिए, तो कोई चेहरे पर प्राकृतिक चमक पाने की उम्मीद में रोज सुबह खाली पेट इसका पानी गटक रहा है। लेकिन न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की मानें तो सिर्फ किसी चीज को ‘सुपरफूड’ मानकर आंख मूंदकर खाना भारी पड़ सकता है। चिया सीड्स दिखने में जितने नन्हे होते हैं, इन्हें गलत तरीके से खाना पाचन तंत्र के लिए उतनी ही बड़ी आफत बन सकता है।
चिया सीड्स खाने का सबसे सुरक्षित और सही तरीका क्या है?
आहार विशेषज्ञ (डाइटिशियन) अमरीन शेख के अनुसार, चिया सीड्स में प्रचुर मात्रा में घुलनशील फाइबर (सॉल्यूबल फाइबर) मौजूद होता है। जब यह फाइबर किसी तरल पदार्थ के संपर्क में आता है, तो पानी को तेजी से सोखकर एक गाढ़े जेल जैसा रूप ले लेता है। यह जेल आंतों के मूवमेंट को आसान बनाकर पेट साफ रखने और स्टूल को सॉफ्ट करने में मददगार साबित होता है। यही वजह है कि चिया सीड्स को कभी भी सूखा खाने की गलती नहीं करनी चाहिए। इन्हें हमेशा पर्याप्त पानी, जूस या दूध में कम से कम 20-30 मिनट या रात भर भिगोने के बाद ही खाना चाहिए, जिससे ये पूरी तरह फूल जाएं और फूड पाइप में अटकने का खतरा न रहे।
पेट और पाचन रोगों के विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सेठी ने इसके पोषण को दोगुना करने के लिए एक बेहद आसान चिया पुडिंग रेसिपी साझा की है। एक कटोरी में करीब दो चम्मच चिया सीड्स लें और उसमें आधा कप बिना चीनी वाला बादाम का दूध या सामान्य दूध मिलाएं। इसमें चुटकी भर दालचीनी पाउडर, कटे हुए अखरोट और ऊपर से ताजे कटे सेब या अपनी पसंद की बेरीज शामिल करें। इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंटकर रात भर के लिए फ्रिज में रख दें। सुबह तक चिया सीड्स सारा तरल सोखकर क्रीमी पुडिंग का रूप ले लेंगे, जो नाश्ते का एक बेहतरीन विकल्प है।
दिनभर में कितनी मात्रा सुरक्षित, क्या ज्यादा खाने से होगा नुकसान?
डाइटिशियन डॉ. करिश्मा शाह के अनुसार, अच्छी से अच्छी चीज की अति शरीर पर उल्टा असर डालती है। स्वस्थ वयस्क के लिए दिनभर में दो से तीन चम्मच (लगभग 20-25 ग्राम) चिया सीड्स का सेवन पूरी तरह पर्याप्त है। अगर आप इसे पहली बार अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं, तो शुरुआत महज एक छोटे चम्मच से करें। अचानक भोजन में फाइबर की भारी मात्रा बढ़ा देने से पेट में तेज मरोड़, गैस, भारीपन और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।
क्या सच में पिघलती है चर्बी? जानिए वेट लॉस का असली विज्ञान
क्लिनिकल डाइटिशियन और डायबिटीज एजुकेटर पूजा शाह भावे का कहना है कि चिया सीड्स कोई जादुई दवा नहीं हैं जो रातों-रात शरीर की चर्बी को पिघला दें। हां, यह आपकी वेट लॉस जर्नी में मददगार टूल जरूर बन सकते हैं। दो बड़े चम्मच चिया सीड्स में लगभग 10 ग्राम फाइबर और करीब 138 कैलोरी होती हैं। इसमें मौजूद फाइबर भोजन की पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे पेट काफी देर तक भरा महसूस होता है और बार-बार होने वाली भूख (क्रेविंग्स) शांत रहती है। जब आप कम कैलोरी खाते हैं, तो वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। लेकिन फैट बर्न करने का एकमात्र नियम ‘कैलोरी डेफिसिट’ ही है, इसलिए इसे वजन घटाने का कोई शॉर्टकट न समझें।
पानी में भिगोना बेहतर है या दूध में, क्या खाली पेट ले सकते हैं?
यह पूरी तरह आपकी फिटनेस जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपका मुख्य मकसद वजन घटाना और कैलोरी कम रखना है, तो सादे पानी या नींबू पानी में भिगोकर लेना सबसे मुफीद है। वहीं अगर आप वर्कआउट करते हैं और प्रोटीन व कैल्शियम का अतिरिक्त बूस्ट चाहते हैं, तो इसे दूध के साथ पुडिंग बनाकर नाश्ते में शामिल करें। सुबह खाली पेट चिया सीड्स का पानी पिया जा सकता है क्योंकि यह लंबे समय तक तृप्ति देता है। लेकिन यदि खाली पेट पीने पर आपको एसिडिटी, पेट फूलने या भारीपन की शिकायत महसूस हो, तो इसे खाली पेट न लेकर दोपहर के मील में दही या फ्रूट स्मूदी के साथ मिलाकर लें।
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किन बीमारियों में बरतनी चाहिए खास सावधानी?
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव श्रीनिवासन चेतावनी देते हैं कि कुछ खास मेडिकल कंडीशन वाले लोगों को चिया सीड्स का इस्तेमाल बेहद संभलकर करना चाहिए। यदि आप पहले से ही क्रॉनिक गैस, आईबीएस (IBS) या खराब पाचन से जूझ रहे हैं, तो ज्यादा मात्रा लेने से बचें। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर लो रहता है, जो हाई बीपी की दवाएं ले रहे हैं या फिर खून पतला करने वाली दवाइयों (ब्लड थिनर्स) पर हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना इसे नियमित नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों को फूड एलर्जी की हिस्ट्री है, वे खास सतर्क रहें। यदि इसे खाने के बाद शरीर में खुजली, चेहरे पर सूजन या सांस लेने में असहजता लगे तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। वहीं किडनी स्टोन या किडनी की किसी बीमारी से पीड़ित मरीजों को भी इसमें मौजूद मिनरल्स के चलते विशेषज्ञ की राय के बाद ही सीमित मात्रा तय करनी चाहिए।

