1 सितंबर से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर
हर महीने की पहली तारीख देश के आम नागरिकों की जिंदगी और बजट में कई अहम बदलाव लेकर आती है। 1 सितंबर 2026 से भी आपकी रसोई के खर्च से लेकर कार खरीदने, हवाई यात्रा और बैंकिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में संशोधन होने जा रहा है। इनमें से कुछ बदलाव जहां जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं, वहीं कुछ प्रक्रियाओं से आम जनता को राहत भी मिलेगी। महीने की शुरुआत से पहले इन 5 बड़े बदलावों और जरूरी डेडलाइंस को समझना आपके मासिक बजट के लिए बेहद जरूरी है।
LPG सिलेंडर की नई कीमतें और e-KYC की अंतिम तारीख
महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) एलपीजी के नए रेट जारी करती हैं। 1 सितंबर को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे पहले अगस्त में कमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ था, जबकि घरेलू दरों में बदलाव नहीं हुआ था। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा 31 अगस्त 2026 निर्धारित है। समय पर सत्यापन न कराने पर भविष्य में सिलेंडर की बुकिंग, सब्सिडी और आपूर्ति में बाधा आ सकती है।
ATF, CNG और PNG दरों में बदलाव से हवाई सफर व यात्रा पर असर
1 सितंबर को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई ईंधन के दामों की भी समीक्षा की जाएगी। यदि विमानन ईंधन की दरों में बढ़ोतरी होती है, तो एयरलाइंस द्वारा हवाई किराए में इजाफा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त सीएनजी (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में भी नए संशोधन संभव हैं, जिसका सीधा असर ऑटो ईंधन और पाइपलाइन वाली रसोई गैस के मासिक खर्च पर पड़ेगा।
Tata Motors की कारें और EV होंगी ₹25,000 तक महंगी
यदि आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 सितंबर से जेब ढीली करनी पड़ सकती है। ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स अपनी पैसेंजर कारों और एसयूवी (SUV) की कीमतों में ₹25,000 तक की बढ़ोतरी करने जा रही है। यह मूल्य वृद्धि पेट्रोल-डीजल (ICE) इंजन वाले वाहनों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पोर्टफोलियो पर भी लागू होगी। मॉडल और संबंधित वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग कीमतों में इजाफा तय किया जाएगा।
विदेश जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत: बोर्डिंग पास पर स्टैंपिंग का झंझट खत्म
अंतरराष्ट्रीय सफर करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से इमीग्रेशन प्रक्रिया को सुगम बनाया जा रहा है। अब विदेश यात्रा के दौरान इमीग्रेशन काउंटरों पर फिजिकल बोर्डिंग पास पर मुहर (स्टैंप) लगवाने की अनिवार्यता समाप्त की जा रही है। यात्री अपने स्मार्टफोन में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास (e-Boarding Pass) या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर आसानी से इमीग्रेशन क्लीयरेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे हवाई अड्डों पर लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।
100 रुपए तक जा सकते हैं चीनी के दाम, जानें देश में ऐसी नौबत क्यों आई; क्या सरकार इस संकट से बाहर निकल पाएगी
बैंकों में बड़ी FD के ब्याज दरों में पारदर्शिता के नए दिशा-निर्देश
बैंकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ₹3 करोड़ या उससे अधिक की थोक सावधि जमा (Bulk FD) पर नए नियम लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10:10 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बड़ी जमा राशियों की ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी। एक ही दिन जमा की जाने वाली समान राशि पर बैंक की अलग-अलग शाखाएं भिन्न ब्याज दरें नहीं दे सकेंगी। हालांकि यह नियम मुख्य रूप से बड़े संस्थागत व कॉर्पोरेट निवेशकों पर प्रभावी होगा और आम खुदरा निवेशकों की छोटी एफडी इससे अप्रभावित रहेंगी। यह पारदर्शी व्यवस्था आगे 1 अक्टूबर 2026 से पूर्ण रूप से प्रभावी होगी।
