UP के ये 5 विधायक हैं बहुत अमीर, किसी की संपत्ति 118 करोड़ तो किसी की 68 करोड़
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मियों के तेज होते ही नेताओं की सियासी सक्रियता के साथ-साथ उनकी अकूत संपत्ति भी चर्चा के केंद्र में आ जाती है। चुनावी मैदान में उतरते समय प्रत्याशियों द्वारा दाखिल किए जाने वाले शपथपत्र जब जनता के सामने आते हैं, तो कई बार घोषित संपत्ति के आंकड़े चौंकाने वाले होते हैं। किसी के खाते में बेशकीमती जमीनें दर्ज हैं, तो किसी के पास लग्जरी गाड़ियां और आलीशान व्यावसायिक इमारतें।
सूबे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सवाल बेहद अहम हो जाता है कि करोड़ों की संपत्ति के मालिक ये माननीय जनता के बीच कितने मजबूत हैं। चुनावी हलफनामों में दर्ज आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जानते हैं उत्तर प्रदेश के उन पांच प्रमुख विधायकों के बारे में, जिनकी घोषित संपत्ति सबसे ज्यादा चर्चा में रही है।
शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली: 118 करोड़ की संपत्ति के साथ शीर्ष पर
संपत्ति के मामले में सबसे पहला और बड़ा नाम शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली का आता है। आजमगढ़ की मुबारकपुर विधानसभा सीट से 2017 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले गुड्डू जमाली ने सियासत में मजबूत पकड़ बनाई और वे बसपा विधानमंडल दल के नेता भी रहे। बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। साल 2017 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 118 करोड़ रुपये थी। इस परिसंपत्ति में लगभग 2.70 करोड़ रुपये की कृषि योग्य भूमि और 2.32 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि शामिल थी। मुबारकपुर और पूर्वांचल की राजनीति में जमाली की आर्थिक और सियासी हैसियत हमेशा से चर्चा का विषय रही है।
विनय शंकर तिवारी: 68 करोड़ की संपत्ति और सियासी विरासत
पूर्वांचल की राजनीति में बाहुबल और विरासत का बड़ा नाम रहे हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी इस सूची में दूसरे पायदान पर आते हैं।

गोरखपुर की चिल्लूपार सीट से 2017 में बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए विनय शंकर तिवारी के पास हलफनामे के अनुसार करीब 68 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति दर्ज थी। इस संपत्ति में करोड़ों रुपये की कृषि व गैर-कृषि भूमि के अलावा महंगी गाड़ियों का काफिला शामिल था। राजनीतिक समीकरण बदलने के साथ वे भी बसपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुके हैं।
रानी पक्षालिका सिंह: 58 करोड़ की रियासती और कारोबारी ताकत

आगरा की बाह विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक रानी पक्षालिका सिंह का ताल्लुक एक प्रतिष्ठित और पुराने राजनीतिक घराने से है। उनके पति राजा अरिदमन सिंह भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 2017 के चुनावी दस्तावेज के अनुसार रानी पक्षालिका सिंह ने लगभग 58 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। उनकी इस परिसंपत्ति में बड़े पैमाने पर कृषि भूमि, गैर-कृषि जमीन, कमर्शियल प्रॉपर्टी और रिहायशी इमारतें शामिल हैं।
नंदगोपाल गुप्ता नंदी: 57 करोड़ से अधिक की घोषित परिसंपत्ति

प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’ व्यापार जगत से लेकर सत्ता के गलियारों तक अपनी मजबूत पहचान रखते हैं। 2017 के चुनावी हलफनामे के रिकॉर्ड के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 57 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई थी। इस घोषणा में उनके पास करोड़ों की जमीन, इमारतें, आभूषण और महंगी गाड़ियों का विवरण शामिल रहा है। चुनाव-दर-चुनाव उनके कारोबारी और संपत्ति के आंकड़ों में भी परिवर्तन देखने को मिलता रहा है।
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सुचिष्मिता मौर्य: एमबीए डिग्री और 47 करोड़ की संपत्ति
इस फेहरिस्त में पांचवां नाम मझवां विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक बनीं सुचिष्मिता मौर्य का है। उच्च शिक्षित सुचिष्मिता मौर्य ने एमबीए की पढ़ाई की है और 2017 के चुनावी हलफनामे में उनकी कुल घोषित चल-अचल संपत्ति करीब 47 करोड़ रुपये दर्ज थी। उस समय उनके पास करीब 14 लाख रुपये नकद और 14 लाख रुपये बैंक जमा के रूप में दर्ज थे। उनकी कुल संपत्ति का मुख्य आधार रियल एस्टेट में दिखता है, जिसमें 5.72 करोड़ रुपये की कृषि भूमि, 2.20 करोड़ रुपये की गैर-कृषि जमीन, लगभग 5 करोड़ रुपये की कमर्शियल प्रॉपर्टी और करीब 70 लाख रुपये की रेजिडेंशियल बिल्डिंग शामिल थी। इसके अलावा उनके पास करीब 36 लाख रुपये के गहने और 22 लाख रुपये की गाड़ी भी दर्ज थी।

