एंटरटेनमेंट

TRP के लिए लीजेंट को मार डाला, केंद्रीय मंत्री भी हो गए इसका शिकार

Dharmendra health updates: सिनेमा जगत के महान सितारे धर्मेंद्र के स्वास्थ्य को लेकर पिछले कुछ घंटों में जो कुछ हुआ, वह केवल पत्रकारिता नहीं, बल्कि समाज के एक जिम्मेदार स्तंभ की विश्वसनीयता पर लगा एक गहरा आघात है। दोस्तों, यह सिर्फ निंदा का विषय नहीं है; यह एक ऐसा आईना है जो बताता है कि ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ की ललक में हम सच को कितनी तेज़ी से कुचल रहे हैं।

बीते कुछ समय से सोशल मीडिया से लेकर हमारे तथाकथित मुख्यधारा के कुछ न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स तक अपुष्ट और मनगढ़ंत खबरों का एक सैलाब सा आ गया। ये खबरें किसी जीवित किंवदंती को वेंटिलेटर पर दिखा रही थीं। उनकी नाजुक हालत की बेसिर-पैर की बातें फैलाई गईं। और हद तो तब हो गई जब कुछ पोर्टल्स ने तो उनके निधन की झूठी खबरें तक चला दीं।

वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री भी हो गए इस झूठ का शिकार

सोचिए इस शर्मनाक और सनसनीखेज होड़ का असर कितना गहरा था कि देश के एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री तक बिना पुष्टि किए इस अफवाह के जाल में फँस गए। उन्होंने जल्दबाजी में शोक संदेश भी सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसे बाद में उन्हें शर्मिंदा होकर हटाना पड़ा।

ये पूरी घटना चीख-चीखकर बता रही है कि फर्जी खबरों का यह विषैला चक्र कितनी तेज़ी से हमारी सच्चाई और संवेदना को निगलता जा रहा है। सवाल बड़ा सीधा है: नैतिकता और संवेदनशीलता क्या इतनी तुच्छ हो चुकी है? क्या क्लिक्स और व्यूज़ की भूख अब इतनी बेलगाम हो चुकी है कि किसी प्रतिष्ठित परिवार की भावनाओं, उनकी निजी जिंदगी और प्रतिष्ठा का कोई मोल नहीं बचा?

मां की बर्थडेट ने किया ऐसा चमत्कार कि युवक बन गया 240 करोड़ का मालिक

एक ऐसे नाज़ुक वक्त में जब धर्मेंद्र का परिवार और उनके करोड़ों चाहने वाले उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता में थे, कुछ मीडिया आउटलेट्स ने पुष्टि करने की ज़हमत तक नहीं उठाई। उन्होंने केवल अफवाहों को खबर का जामा पहनाकर परोस दिया। इसे पत्रकारिता कहना सनसनीखेज नौटंकी से कम नहीं है।

अब बात करते हैं हकीकत की, जो इस गैर-जिम्मेदार शोर को शांत करती है।

धर्मेंद्र की बेटी अभिनेत्री ईशा देओल ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर इन सभी उड़ती खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनके आधिकारिक बयान से यह स्पष्ट हुआ है कि धर्मेंद्र बिल्कुल स्वस्थ (Dharmendra health updates) और स्थिर हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं। उन्हें हाल ही में मांसपेशियों में खिंचाव (मसल्स स्ट्रेन) के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अब वह डिस्चार्ज होकर सकुशल घर जा रहे हैं।

यह घटना कठोर सबक है। सूचना के इस तूफानी दौर में मीडिया को अपनी अहम जिम्मेदारी समझनी होगी। सत्य को सर्वोच्च रखना होगा, न कि सिर्फ टीआरपी की दौड़ को।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *