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नेपाल-बांग्लादेश के बाद अब इस देश की बारी, Gen Z ने मचाया बवाल

मेक्सिको सिटी की सड़कों पर इन दिनों एक अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। यहां पर हज़ारों की तादाद में नौजवान इकट्ठा हुए। इनके हाथों में नारे लिखी तख्तियां थीं, चेहरों पर साफ नाराज़गी झलक रही थी और आवाज़ में था बदलाव का दम। यह भीड़ थी Gen Z की यानी उन युवाओं की जिनका जन्म 90 के दशक के आखिर से लेकर 2010 के बीच हुआ।

पहले बांग्लादेश फिर नेपाल और अब यह बगावत अमेरिका के पड़ोसी देश मेक्सिको तक पहुंच गई है। ये युवा बढ़ती आपराधिक घटनाओं, सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और सरकारी जवाबदेही की कमी के विरुद्ध ज़ोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

पुलिस से भिड़ंत, बढ़ा तनाव

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत तो युवाओं ने की मगर देखते ही देखते इसमें बड़ी संख्या में बुज़ुर्ग और विपक्षी दलों के समर्थक भी शामिल हो गए। राजधानी की गलियों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खूब बवाल मचा। माहौल इतना बिगड़ा कि पुलिस को आंसू गैस के गोले तक दागने पड़े। कुछ वीडियो सामने आए हैं जिनमें दिख रहा है कि गुस्साई भीड़ पुलिसकर्मियों को पकड़कर पीट रही है।

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Gen G के इस बढ़ते गुस्से ने मेक्सिको की सरकार के हाथ-पांव फुला दिए हैं। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाऊम की सुरक्षा नीतियों के विरोध में हो रहा है। युवाओं का आरोप है कि उनकी सरकार ड्रग कार्टेल के खिलाफ़ नरम रुख अपना रही है।

मेयर की हत्या और आंदोलन की रफ़्तार

हाल ही में मिश्रो आकान राज्य में एक घटना हुई जिसने इस आंदोलन को और भी तेज़ कर दिया। ड्रग तस्करों के खिलाफ़ अभियान चला रहे मेयर कार्लोस मंजो की हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

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वैसे अगर हम इस साल देखें तो दुनिया के कई देशों में Gen Z के प्रदर्शन सुर्खियों में रहे हैं। कहीं लोकतंत्र को बचाने की मांग उठी तो कहीं असमानता के खिलाफ़ गुस्सा दिखा। भ्रष्टाचार पर नाराज़गी तो हर जगह रही है। याद कीजिए सितंबर में नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन लगने के बाद हुआ बड़ा प्रदर्शन। वहां हिंसा इतनी बढ़ी थी कि प्रधानमंत्री को अपनी कुर्सी तक छोड़नी पड़ी।

युवाओं की आवाज़: ‘अब और नहीं सहेंगे!’

मेक्सिको के ये युवा साफ कह रहे हैं कि सिस्टम में गहराई तक समा चुका भ्रष्टाचार और हिंसक अपराधों पर सरकार की ढीली कार्रवाई अब उनकी बर्दाश्त से बाहर है।

प्रदर्शन में शामिल 29 साल के एक बिज़नेस कंसलटेंट एंड्रेस मासा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें अपने देश में सुरक्षा चाहिए। वह उस पायरेट स्कल वाले झंडे के साथ दिखाई दिए जो Gen G के आंदोलनों की पहचान बनता जा रहा है।

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वहीं, 43 साल की डॉक्टर क्लाउडिया क्रूज़ ने बताया कि वह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहतर फंड और सुरक्षा की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर भी इस असुरक्षित माहौल से डरे हुए हैं।

गिरती लोकप्रियता और नई मुश्किलें

देश में हुई हाई प्रोफाइल हत्याओं ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रदर्शन कर रहे इन युवाओं की मुख्य मांगे क्या हैं?

मेक्सिको में विरोध की सबसे बड़ी वजह राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम पार्डो की सुरक्षा नीति को माना जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक उनकी लोकप्रियता लगभग 70% थी मगर अब इसमें लगातार गिरावट आ रही है। इसका कारण है राज्य में लगातार हो रही हाई-प्रोफाइल हत्याएं। 1 नवंबर को एक और मेयर की हत्या ने लोगों के गुस्से को और भी भड़का दिया।

विरोध प्रदर्शनों में युवाओं की अलग-अलग मांगे हैं। कुछ डॉक्टर अपनी सुरक्षा चाहते हैं तो कुछ भ्रष्टाचार के दोषियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं।

नेपाल और बांग्लादेश में विद्रोह की ऐसी ही चिंगारी ने तख्ता पलट करा दिया था। अब देखना यह है कि क्या मेक्सिको में भी कुछ बड़ा बदलाव होगा या नहीं।

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