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गैस सिलेंडर लेते हैं तो ध्यान दें! 1 अक्टूबर से बदल रहा नियम, सीधे जेब पड़ेगा असर

अगर आपके घर में भी रसोई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है और आप सरकार की ओर से मिलने वाली गैस सब्सिडी का लाभ लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए सीधे तौर पर जरूरी है।

सरकार आगामी 1 अक्टूबर से एलपीजी सब्सिडी वितरण को लेकर बड़ा बदलाव लागू करने जा रही है, जिसके तहत रियायती दर पर सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आधार आधारित पहचान सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस व्यक्ति के नाम पर कनेक्शन पंजीकृत है, वही उसका वास्तविक उपयोग कर रहा हो और सरकारी सब्सिडी का लाभ सीधे वास्तविक लाभार्थी के खाते में पहुंचे, जिससे बिचौलियों और फर्जी कनेक्शनों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

30 जून की डेडलाइन के बाद मिला था मौका, अब 1 अक्टूबर से सख्ती

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूर्व में इस बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए 30 जून की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की थी। हालांकि, उपभोक्ताओं की सुविधा और तकनीकी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय-सीमा में राहत प्रदान की थी। अब यह अवधि समाप्त हो रही है और 1 अक्टूबर से उन उपभोक्ताओं के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं जिन्होंने तय समय में अपनी पहचान का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराया है।

क्या सत्यापन न होने पर गैस सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा?

उपभोक्ताओं के मन में उठ रहे सबसे बड़े सवाल पर स्थिति स्पष्ट है कि सत्यापन न कराने पर भी गैस सिलेंडर की सामान्य आपूर्ति तत्काल बंद नहीं होगी। हालांकि, ऐसे उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले रियायती दाम पर सिलेंडर प्राप्त करने में अड़चन आएगी और उन्हें गैर-सब्सिडी यानी खुले बाजार मूल्य (Market Price) पर सिलेंडर रीफिल कराना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यकता और उपलब्धता के आधार पर ऐसे ग्राहकों के लिए 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों का विकल्प भी दिया जा सकता है। यानी इसका सीधा प्रभाव गैस सिलेंडर मिलने पर नहीं, बल्कि मिलने वाली सब्सिडी की सीधी बचत पर पड़ेगा।

89.9 फीसदी उपभोक्ताओं का काम पूरा, 10 प्रतिशत अब भी बाकी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 19 सितंबर तक देश भर में 25 करोड़ 43 लाख सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह देश के कुल एक्टिव घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों का लगभग 89.9 प्रतिशत हिस्सा है। इसके बावजूद लगभग 10 फीसदी ऐसे उपभोक्ता अब भी मौजूद हैं जिन्होंने यह जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। जिन ग्राहकों का सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा किसी तरह की प्रक्रिया करने की आवश्यकता नहीं होगी।

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घर बैठे मोबाइल ऐप से लेकर डिलीवरी के समय तक ऐसे कराएं सत्यापन

उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार तीन अलग-अलग तरीकों से यह प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पहला तरीका सिलेंडर की होम डिलीवरी के वक्त डिलीवरी मैन की बायोमेट्रिक मशीन या फेस-रिकॉग्निशन के जरिए है। दूसरा तरीका अपनी संबंधित गैस एजेंसी के वितरक केंद्र पर जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन कराना है। तीसरा और सबसे आसान तरीका घर बैठे संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप का उपयोग करना है।

इंडेन (Indian Oil) के ग्राहक ‘IndianOil ONE’ ऐप, भारत गैस (BPCL) के उपभोक्ता ‘Hello BPCL’ ऐप और एचपी गैस (HPCL) के उपभोक्ता ‘HP Pay’ ऐप डाउनलोड करके आधार फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। किसी भी संशय या तकनीकी सहायता के लिए उपभोक्ता एलपीजी हेल्पलाइन और टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क कर सकते हैं।

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