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विदेश जाने से पहले देख लें जेब का हाल: 1 जुलाई से महंगा और हाईटेक हो रहा है पासपोर्ट, जानें नया फीस स्ट्रक्चर

New passport rules from 1st July: अगर आप भी पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस या फिर घूमने के लिए विदेश जाने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। मोदी सरकार आगामी 1 जुलाई से पासपोर्ट से जुड़े नियमों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है। आपको बता दें कि करीब 14 साल के लंबे इंतजार के बाद सरकार ने पासपोर्ट की फीस में संशोधन किया है। हालांकि, यह बदलाव सिर्फ फीस तक सीमित नहीं है, बल्कि अब पासपोर्ट का पूरा सिस्टम ही बेहद हाईटेक होने जा रहा है। अब आवेदन करने से लेकर वेरिफिकेशन तक की पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा डिजिटल और तकनीकी रूप से सुरक्षित होगी।

14 साल बाद क्यों बढ़ी पासपोर्ट की फीस?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अचानक पासपोर्ट महंगा क्यों किया जा रहा है। इस पर सरकार का तर्क है कि पिछले 14 वर्षों से पासपोर्ट की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि इस दौरान तकनीकी सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक व्यवस्था पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ा है। इसी खर्च को संतुलित करने और आम जनता को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा और सुविधाएं देने के लिए नई दरें तय की गई हैं। 1 जुलाई के बाद से चाहे आप नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करें या पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराएं, आपको नए रेट के हिसाब से ही भुगतान करना होगा।

ग्राफिक्स से समझें नया फीस स्ट्रक्चर: अब कितना ढीला करना होगा बटुआ?

नए नियमों के मुताबिक, अलग-अलग कैटेगरी के पासपोर्ट के लिए फीस बढ़ा दी गई है। ज्यादा यात्रा करने वाले लोगों को 60 पेज के पासपोर्ट के लिए और आपातकालीन स्थिति में तत्काल सेवा का लाभ उठाने वालों को अब अतिरिक्त राशि चुकानी होगी। आइए जानते हैं कि वर्तमान में कितनी फीस है और 1 जुलाई से आपको कितना भुगतान करना होगा:

  • 36 पेज का सामान्य पासपोर्ट: पहले ₹1500 | अब ₹2500

  • 36 पेज का तत्काल पासपोर्ट: पहले ₹3500 | अब ₹5000

  • 60 पेज का सामान्य पासपोर्ट: पहले ₹2000 | अब ₹3500

  • 60 पेज का तत्काल पासपोर्ट: पहले ₹4000 | अब ₹6000

  • पासपोर्ट खो जाने या डैमेज होने पर (36 पेज): पहले ₹5000 | अब ₹7500

  • पासपोर्ट खो जाने या डैमेज होने पर (60 पेज): पहले ₹6000 | अब ₹8500

  • बच्चों का रिप्लेसमेंट पासपोर्ट (नॉर्मल): अब ₹4250

  • बच्चों का रिप्लेसमेंट पासपोर्ट (तत्काल): अब ₹6750

ई-पासपोर्ट और डिजिलॉकर: अब ऐसे काम करेगा हाईटेक सिस्टम

सरकार अब चरणबद्ध तरीके से देश में ‘ई-पासपोर्ट’ (E-Passport) जारी करने की शुरुआत कर रही है। इस नए हाईटेक पासपोर्ट में एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक बायोमेट्रिक चिप लगी होगी, जिसमें पासपोर्ट धारक की सभी जरूरी और गोपनीय जानकारियां सुरक्षित रहेंगी। इसके आ जाने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से रोक लगेगी और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर इमीग्रेशन की प्रक्रिया भी बेहद तेज और सुगम हो जाएगी।

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इसके साथ ही अब फिजिकल दस्तावेजों की जांच के बजाय डिजिटल लॉकर (DigiLocker) के जरिए दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा, जिससे बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म होगी।

आवेदन से पहले बरतें ये सावधानी, वरना अटक सकता है काम

डिजिटल वेरिफिकेशन की सुविधा जितनी आसान है, उतनी ही सख्त भी है। नए नियमों के अनुसार, यदि डिजिलॉकर या ऑनलाइन वेरिफिकेशन के दौरान आपके दस्तावेजों में कोई भी गलती पाई जाती है या जानकारी आपस में मेल नहीं खाती है, तो आपका आवेदन बीच में ही अटक सकता है। इसलिए यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले अपने सभी सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों का नाम, जन्मतिथि और पता अच्छी तरह से जांच लें। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से सुरक्षा और सुविधा दोनों मजबूत होंगी, लेकिन आम जनता पर इसका आर्थिक असर पड़ना तय है। अब देखना यह है कि लोग इस नए हाईटेक सिस्टम को कितनी जल्दी अपना पाते हैं।

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