क्या वाकई इजराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा सकता है पाक, जानें दोनों देशों की असली सैन्य ताकत
pakistan israel military comparison: हाल ही में अंतरराष्ट्रीय गलियारों से एक बेहद सनसनीखेज दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्विट्जरलैंड यात्रा के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की हत्या के लिए इजराइल की खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ कथित तौर पर एक गुप्त साजिश रच रही थी। इस इनपुट के सामने आते ही पाकिस्तान भड़क उठा और उसने इजराइल को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी दे डाली। पाकिस्तान ने कहा कि अगर आसिम मुनीर को खरोंच भी आई, तो इजराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा। इस तीखे बयान ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान वाकई इजराइल को पूरी तरह तबाह करने की सैन्य क्षमता रखता है? आइए, आंकड़ों के आईने में दोनों देशों की असली ताकत का निष्पक्ष और गहराई से विश्लेषण करते हैं।
सैनिकों और थल सेना की जंग: संख्या बल में कौन है आगे?
अगर पहली नजर में दोनों देशों की थल सेना और जनशक्ति को देखा जाए, तो पाकिस्तान स्पष्ट रूप से काफी मजबूत और बड़ी बढ़त बनाता हुआ दिखाई देता है। पाकिस्तान के पास सक्रिय सैनिकों की संख्या लगभग 6.6 लाख है, जबकि इजराइल के पास महज 1.7 लाख सक्रिय सैनिक हैं। रिजर्व सैनिकों के मामले में भी पाकिस्तान के पास 5.5 लाख और इजराइल के पास 4.6 लाख सैनिक हैं। वहीं, अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री) में पाकिस्तान के पास करीब 3 लाख की फौज है, जबकि इजराइल के पास यह बेहद सीमित संख्या में है।
जमीनी हथियारों की बात करें तो पाकिस्तान के पास 2,627 टैंक हैं, जबकि इजराइल के पास 2,200 टैंक हैं। हालांकि, बख्तरबंद वाहनों के मामले में इजराइल बाजी मार लेता है, जहां इजराइल के पास 35,000 से ज्यादा वाहन हैं, वहीं पाकिस्तान के पास केवल 17,500 से अधिक वाहन मौजूद हैं। स्वचालित तोपों (सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी) में पाकिस्तान 662 और इजराइल 650 के साथ लगभग बराबरी पर हैं, लेकिन टो की जाने वाली तोपों (टोड आर्टिलरी) में पाकिस्तान 2,629 तोपों के साथ इजराइल (महज 300) से बहुत आगे है। रॉकेट लॉन्चर (MLRS) के मामले में भी पाकिस्तान के पास 600 से अधिक सिस्टम हैं, जबकि इजराइल के पास सिर्फ 150 हैं।
आसमान की जंग: तकनीक बनाम संख्या बल का मुकाबला
जब हम दोनों देशों की वायुसेना (एयरफोर्स) के आंकड़ों पर नजर डालते हैं, तो जंग की पूरी तस्वीर बदलती हुई नजर आती है। कागजों पर पाकिस्तान के पास कुल 1,434 सैन्य विमान हैं, जबकि इजराइल के पास 612 विमान हैं। पाकिस्तान के पास करीब 500 लड़ाकू विमान और 350 हेलीकॉप्टर हैं, जबकि इजराइल के पास 340 लड़ाकू विमान और 146 हेलीकॉप्टर हैं।
भले ही संख्या में पाकिस्तान आगे हो, लेकिन हवाई बेड़े की मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक के मामले में इजराइल को बहुत बड़ी बढ़त हासिल है। पाकिस्तान के बेड़े में मुख्य रूप से J-10CE, JF-17 ब्लॉक 3, F-16, मिराज 3 और मिराज 5 जैसे विमान शामिल हैं। इसके विपरीत, इजराइल के पास दुनिया के सबसे घातक और अत्याधुनिक फिफ्थ-जनरेशन फाइटर जेट्स जैसे F-35 स्टील्थ, F-15 और F-16 का ऐसा नेटवर्क है जो दुश्मन के रडार को चकमा देने में माहिर है।
एयर डिफेंस और मिसाइल पावर: अचूक सुरक्षा कवच और लंबी दूरी का वार
युद्ध में सबसे अहम भूमिका एयर डिफेंस सिस्टम की होती है। पाकिस्तान के पास सुरक्षा के लिए HQ-9, LY-80, FM-90 और Spada जैसे सिस्टम हैं। लेकिन इजराइल का डिफेंस नेटवर्क दुनिया में सबसे अभेद्य माना जाता है, जिसमें आयरन डोम (Iron Dome), डेविड स्लिंग (David’s Sling), एरो 2 (Arrow 2), एरो 3 (Arrow 3) और पैट्रियट शामिल हैं, जो किसी भी मिसाइल हमले को हवा में ही ध्वस्त करने की 99% क्षमता रखते हैं।
मिसाइल रेंज की बात करें तो पाकिस्तान के पास अब्दाली (180 किमी), गजनवी (290 किमी), शाहीन-1 (750 किमी), गौरी (1300 किमी), शाहीन-2 (1500 किमी) और उसकी सबसे प्रमुख मिसाइल शाहीन-3 है, जिसकी रेंज करीब 2,750 किलोमीटर है। इसके अलावा बाबर क्रूज (700 किमी) और राड क्रूज (600 किमी) भी पाक के बेड़े में हैं। वहीं, इजराइल की मिसाइल शक्ति बेहद घातक है। इजराइल की जेरिको-2 की रेंज 1,500 किमी और महाविनाशक जेरिको-3 की रेंज 4,800 किमी से लेकर 6,500 किलोमीटर तक है, जो पूरे पाकिस्तान को अपनी जद में ले सकती है। इसके अलावा, इजराइल की बेहद खास ‘पपई टर्बो’ मिसाइल की रेंज आज भी पूरी दुनिया के लिए एक रहस्य (गोपनीय) बनी हुई है, जबकि डेलीला क्रूज मिसाइल की रेंज 250 किमी है।
ड्रोन और नौसेना: एडवांस सर्विलांस और समंदर का सीक्रेट वार
ड्रोन तकनीक में पाकिस्तान के पास तुर्की से मिला हुआ मशहूर बैरख्तर (Bayraktar) ड्रोन, विंग लूंग, बुराक और शाहपार ड्रोन हैं। लेकिन इजराइल इस क्षेत्र में खुद एक ग्लोबल लीडर है। इजराइल के पास हेरोन टीपी (Heron TP), हरमीज 450, हरमीज 900 और ईथन जैसे एडवांस और बेहद खतरनाक ड्रोन हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में माहिर हैं।
नौसेना (नेवी) की बात करें तो दावों के मुताबिक पाकिस्तान के पास 10 फ्रिगेट हैं, जबकि इजराइल ने अपनी फ्रिगेट संख्या सार्वजनिक नहीं की है। कॉर्बेट के मामले में पाकिस्तान के पास 4 और इजराइल के पास 7 हैं। मिसाइल बोट्स में इजराइल (45 से ज्यादा) पाकिस्तान (8) से बहुत आगे है। पनडुब्बियों की संख्या देखें तो पाकिस्तान के पास 8 हैं और इजराइल के पास 5 हैं। लेकिन सबसे बड़ा अंतर यह है कि इजराइल की ये 5 पनडुब्बियां ‘डॉल्फिन क्लास’ की हैं, जो परमाणु हथियारों से लैस होने (न्यूक्लियर कैपेबल) की क्षमता रखती हैं और समंदर के भीतर बेहद शांत रहकर शिकार करने के लिए जानी जाती हैं।
रक्षा बजट और अंतिम निष्कर्ष: तकनीक के सामने क्या टिक पाएगी भारी फौज?
किसी भी देश की सेना की रीढ़ उसका रक्षा बजट होता है। पाकिस्तान का सालाना रक्षा बजट करीब 10 से 11 अरब डॉलर का है, जबकि इजराइल अपनी सुरक्षा पर 35 से 40 अरब डॉलर खर्च करता है। यानी इजराइल हर साल पाकिस्तान से करीब चार गुना ज्यादा पैसा अपनी सेना और नई तकनीकों पर लगाता है।
प्रतिबंध हटे: 47 साल बाद अमेरिका खरीदेगा ईरान का तेल, तेहरान के तेवरों के आगे झुके ट्रंप
यदि दोनों देशों के बीच कभी सीधे तौर पर पारंपरिक युद्ध की स्थिति बनती है, तो दुनिया भर के अधिकांश रक्षा विशेषज्ञों का यही मानना है कि तकनीकी श्रेष्ठता, अचूक खुफिया नेटवर्क (मोसाद) और अभेद्य हवाई सुरक्षा कवच के कारण इजराइल का पलड़ा हमेशा भारी रहेगा। पाकिस्तान के पास सैनिकों और कुछ पारंपरिक हथियारों की संख्या भले ही अधिक हो, लेकिन आधुनिक युद्ध केवल संख्या के बल पर नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और खुफिया रणनीतियों के दम पर जीते जाते हैं, और इसी मोर्चे पर इजराइल, पाकिस्तान से कोसों आगे निकल जाता है।

